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वैक्सीनेशन : प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान से हरियाणा को 280 करोड़ की बचत

हरियाणा के गृह एवं सेहत मंत्री अनिल विज ने हरिभूमि के सवालों के जवाब में साफ कर दिया है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रकिया इस तरह से जारी रहेगी।

वैक्सीनेशन : प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान से हरियाणा को 280 करोड़ की बचत
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स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज।

योगेंद्र शर्मा. चंडीगढ़

कोविड-19 महामारी की चुनौती और दूसरी लहर की रफ्तार मंद पड़ जाने के साथ ही हरियाणा राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की प्रक्रिया इसी तरह से जारी रहेगी, साथ ही पिछले साल की तरह से पूरे राज्य में एक बार फिर से सीरो सर्वे होगा। इसके लिए हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री ने हरिझंड़ी दे दी है। इतना ही नहीं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सभी राज्यों को मुफ्त वैक्सीन दिए जाने की घोषणा के साथ ही हरियाणा को बड़ा आर्थिक फायदा होने जा रहा है क्योंकि अब राज्य के 280 करोड़ की राशि जो वैक्सीन पर खर्च की जानी थी, वो खर्च नहीं होगी। राज्य की ओर से अभी तक 40 करोड़ की राशि खर्च की जा चुकी है। इन सभी विषयों को लेकर हरियाणा के गृह एवं सेहत मंत्री अनिल विज ने हरिभूमि के सवालों के जवाब में साफ कर दिया है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की प्रकिया इस तरह से जारी रहेगी।

हरियाणा के सभी तीस बैड से ऊपर वाले अस्पतालों में हमने आक्सीजन प्लांट लगाने और पाइपलाइन बिछाने को हरिझंडी दी है। इस तरह से हर बैड आक्सीजन बैड होगा, ताकि मरीज को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो। विज ने साफ कर दिया है कि राज्यभर के निजी तीस बैड से ऊपर वाले अस्पतालों को भी हमने आक्सीजन प्लांट अनिवार्य कर दिए हैं, भले ही वे पुराने अस्पताल हों या फिर नए बनने वाले अर्थात उनको आक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनना होगा। विज का कहना है कि इस महामारी से निपटने के लिए हमारी पूरी टीम ने बेहतर काम किया है औऱ हमने आने वाले समय के लिए भी व्यवस्था की है ताकि किसी भी तरह की कोई जरुरत पड़ने पर दुनिया के किसी भी देश से दवा का इंतजाम हो सके। ब्लैक फंगस को लेकर 15 हजार इंजेक्शन का इंतजाम किया जा रहा है। इसके अलावा भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और कोविड की महामारी में किए गए इंतजाम इस बार इसी तरह से जारी रहेंगे। हरियाणा ने अप्रैल और मई की चुनौती के समय में उल्लेखनीय काम किया है। हमारी मेडिकल स्टाफ और पैरामेडिकल स्टाफ व बाकी विभागों ने बेहद नाजुक दौर में भी बड़ी हिम्म्त के साथ काम किया।

तेजी पकड़ेगी मुहिम, एक लाख को लगेंगे इंजेक्शन

विज का कहना है कि केंद्र की ओर से वैक्सीन दिए जाने की घोषणा के साथ ही हरियाणा को लगभग 280 करोड़ की बचत होगी, हालांकि वैक्सीन को लेकर राज्य 40 करोड़ की राशि खर्च कर चुका है। केंद्र पीएम की घोषणा के बाद में यह लाभ हुआ है। इन दिनों एक दिन में 70 हजार तक लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। 21 जून से यह और तेज हो जाएगी व एक दिन में एक लाख लोगों को वैक्सीन लगाने की तैयारी है। 18 प्लस के लोगों के लिए वैक्सीनेशन की मुहिम तेज करने की पूरी तैयारी कर ली गई है। देश के पीएम द्वारा मुफ्त वैक्सीन और मुफ्त में राशन स्वागत योग्य कदम है। विज का कहना है कि विपक्ष के नेता कोरी सियासत में लगे हुए हैं और देश का कर्म योगी प्रधानमंत्री देश के एक-एक नागरिक को लेकर चिंतित है। विज का कहना है कि हमारे विभाग के आला अफसर और हम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संपर्क में हैं। न जारी रहेगा। राज्य की ओर से 66 लाख डोज का आर्डर किया गया था, जिसमें लगातार वैक्सीन मिल रही है। इसमें 40 लाख कोविशील्ड और 26 लाख को वैक्सीन का आर्डर है।

कोविड संक्रमित से ठीक हुए, साइड इफेक्ट झेल रहे लोगों की होगी मदद

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि हरियाणा पहला प्रदेश है, जो कोविड-19 से ठीक होने वाले वह साइड इफेक्ट झेल रहे मरीजों के लिए भी व्यवस्था कर रहा है। व्हिच का कहना है कि पोस्ट को भीड़ के प्रभाव को लेकर और हाल ही में ब्लैक फंगस की महामारी सभी को लेकर राज्य के सभी जिलों में हमने व्यापक प्रबंध किए हैं। उनका कहना है कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मुफ्त स्क्रीनिंग और जांच पड़ताल उपचार की सुविधा दी जा रही है।

पोस्ट कोविड-19 उमंग केंद्र

कोविड- को मात दे चुके जिन मरीजों को इसके बाद में प्रतिकूल प्रभाव झेलने पड़ रहे हैं उनके लिए राज्य के सभी जिला अस्पतालों में केंद्र स्थापित कर दिए हैं। इन केंद्रों पर आयुर्वेद के डॉक्टरों साइकैटरिस्ट के साथ-सथ एलोपैथी के भी एक डॉक्टर की व्यवस्था की है। इन केंद्रों पर कोरोना से उभर चुके लेकिन कई प्रकार के साइड इफेक्ट झेल रहे मरीजों को मनोवैज्ञानिक तौर पर और योग विशेषज्ञों द्वारा गाइड किया जा रहा है।

आंकड़ों को छिपाने का सवाल ही नहीं

स्वास्थ्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल विज का कहना है कि टेस्टिंग और मरीजों उनकी डैथ के आंकड़ों को लेकर विपक्ष अपनी सियासत चमकाने के लिए राजनीति कर रहा है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल और मरीजों के अस्पताल में आने को लेकर तमाम ठोस प्रक्रिया है। जो रिकॉर्ड से बाहर की बात नहीं है लेकिन लोगों को भ्रमित करने के लिए विपक्ष के लोग इस महामारी काल में भी सियासत से बाज नहीं आ रहे। विज का यह भी कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र में कई लोगों द्वारा बुखार अथवा किसी प्रकार के लक्षण को लेकर लापरवाही या अस्पताल में संपर्क ही नहीं किया गया तो उनको किस तरह से पंजीकृत किया जा सकता है। हमने ग्रामीण क्षेत्र में भी लोगों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए हैं साथ ही आने वाले वक्त की चुनौती को देखते हुए व्यापक प्रबंध किए हैं। हम अभी भी लोगों से लापरवाही और किसी भी प्रकार से इस वायरस को हल्के में नहीं लेने की अपील कर रहे हैं।

हर क्षेत्र में अपनी टीम के साथ उल्लेखनीय काम किया

हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि हमारे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ ने चुनौतीपूर्ण वक्त में बेहद अच्छा काम किया है। जिस वक्त ऑक्सीजन की कमी और तमाम चुनौती सामने थी उस दौरान भी हमने केंद्र के सहयोग से अपना कोटा बढ़ाने में सफलता प्राप्त की, हमारे अधिकारी और स्टाफ प्रशंसा के पात्र हैं। हरियाणा में बाकी प्रदेशों के मुकाबले मेडिकल सुविधाएं बेहतर होने के कारण ही दिल्ली और एनसीआर के मरीज हरियाणा के हर जिले में आकर भर्ती हुए जिन सभी को यहां इलाज दिया गया। प्रदेश के अंदर बेहद गंभीर वक्त में भी लोगों को ऑक्सीजन बेड वेंटिलेटर उपलब्ध कराए। अब हम नई चुनौती ब्लैक फंगस को लेकर लगातार केंद्र के संपर्क में हैं और मरीजों को बेहतरीन उपचार दे रहे हैं।

सरकार से सवाल करने वाले कांग्रेस शासित राज्यों के बारे में बताएं

स्वास्थ मंत्री विज का कहना है कि हमने हरियाणा के अंदर खास तौर पर कांग्रेस शासित राज्यों में जिस प्रकार से वैक्सीन की बर्बादी की है, उस प्रकार की एक भी घटना नहीं होने दी। इतना ही नहीं सभी जिलों और अधिकारियों से लगातार बैठकें कर हमने वैक्सीन को सौ फ़ीसदी इस्तेमाल करने की दिशा में अहम कदम उठाए। यही कारण है कि राज्य के विभिन्न जिलों की समीक्षा और मॉनिटरिंग के कारण हम दवा की वेस्टेज के मामले में छह फ़ीसदी से घटकर 1. 26 फीसदी तक आए । हरियाणा के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और महामारी से बचाने ब्लैक फंगस से निपटने के लिए संभव प्रयास कर रहे हैं वैक्सीन को लेकर भी केंद्र के दिशा निर्देशों के बाद हमने ग्लोबल टेंडर किए जिसमें एक विदेशी कंपनी ने हरियाणा को ऑफर भी किया है।

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