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मिलावटखोरी : देसी घी, तेल, दूध, वनस्पति और मसालों के 28 नमूने फेल

पिछले छह महीनों में 1,62,94,120 रुपये का माल जब्त किया है। छापेमारी करने के लिए एक राज्य स्तरीय टीम का गठन किया है। जब्त किए गए नमूनों में से लगभग 28 नमूनों को असुरक्षित पाया गया।

राजस्थान में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ 26 अक्टूबर से 14 नवंबर तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश
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हरिभूमि ब्यूरो : चंडीगढ़

हरियाणा के खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने दूध उत्पादों, मसालों और चाय सरीखे खाद्य पदार्थों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया है, ताकि बेहतर गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। पिछले छह महीनों में 1,62,94,120 रुपये का माल जब्त किया है।

छापेमारी करने के लिए एक राज्य स्तरीय टीम का गठन किया है। जब्त किए गए नमूनों में से लगभग 28 नमूनों को असुरक्षित पाया गया। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के निर्देश पर उक्त चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया था और इसके सदस्यों में एक नामित अधिकारी और तीन खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल हैं। घी, खाद्य तेल, दूध, दूध उत्पादों और अन्य खाद्य लेखों में मिलावट पर नजर रखने के लिए टीम नियमित रूप से हरियाणा के विभिन्न जिलों में विशेष छापेमारी कर रही है।

टीम ने कार्रवाई कर माल जब्त किया

स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने कहा कि करनाल से 42 लाख रुपये का 8,400 लीटर घी, 57,41,500 रुपये का 11,483 लीटर देसी घी, हिसार से 15 लीटर शुद्ध घी व 17,000 लीटर वनस्पति का मूल्य 42,50,000 रुपये का जब्त किया है। इस वर्ष 98 लीटर मिलावटी श्री मदुर रतन देसी घी, 642 लीटर मिलावटी हरियाणा फ्रेश एगमार्क देसी घी, 3,276 लीटर केदार एगमर्ड मिश्रित वनस्पति तेल,1,145 लीटर फ्रेश एगमार्क देसी घी और गोबिंद एगमार्क देसी घी अम्बाला से 4.58 लाख रुपये, कुरुक्षेत्र से 12,97,820 रुपये का 19,645 लीटर मिलावटी घी, मक्खन, सुभम घी, अभिनंदन घी, क्रीम, पामोलिव ऑयल और मिल्क पाउडर, करनाल से 3,46,800 रुपये का 1,250 लीटर घी, मक्खन, खाद्य तेल जब्त किया गया।

सख्त कार्रवाई की जाएगी : ललित सिवाच

खाद्य और औषधि प्रशासन के आयुक्त ललित सिवाच ने कहा अदालत के समक्ष 28 असुरक्षित नमूनों के लिए खाद्यव्यवसाय संचालक के खिलाफ मुकदमा चलाया जा रहा है और शेष 143 नमूनों में, घटिया और गलत पाया गया है, खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अनुसार अधिकारियों के समक्ष मामले दर्ज किए जाएंगे।


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