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ओलंपिक पदक विजेता कर्णम मलेश्वरी से हड़पे 24 लाख 69 हजार रुपये

मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स कंस्ट्रेक्शन कंपनी के तीन पार्टनरों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज किया है।

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ठगी (प्रतीकात्मक फोटो)

हरिभूमि न्यूज. यमुनानगर

गांच चाहड़ो में बन रहे कर्णम मलेश्वरी नेशनल वेट लिफ्टिंग एंड पावर लिफ्टिंग हाई परफारमेंस ट्रेनिंग एंड कोचिंग सेंटर के कंस्ट्रेक्शन के काम में गलत व अधिक पैमाइश करके मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स कंस्ट्रेक्शन कंपनी के तीन पार्टनरों ने ओलंपिक पदक विजेता कर्णम मलेश्वरी से 24 लाख 69 हजार 883 रुपयेे हड़प लिए। पुलिस ने कर्णम मलेश्वरी की शिकायत पर तीनों आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी अनुसार सेक्टर-18 हुडा जगाधरी निवासी कर्णम मलेश्वरी ने बताया कि उसने 2000 में सिडनी ओलंपिक में पदक हासिल किया था। जिसके बाद से वह खेलों को बढ़ावा देने के लिए गांव चाहड़ो में कर्णम मलेश्वरी नेशनल वेट लिफ्टिंग एंड पावर लिफ्टिंग हाई परफारमेंस ट्रेनिंग एंड कोचिंग सेंटर बनाना चाहती थी। स्पोर्टस मिनिस्ट्री इंडिया द्वारा उसे सेंटर बनाने की अप्रुवल दी गई। जिसमें सरकार द्वारा कर्णम मलेश्वरी को पांच करोड़ की एड दी जानी थी। सेंटर के कंस्ट्रेक्शन का कार्य स्पोर्टस मिनिस्ट्री की देखरेख में किया जाना था। फरवरी 2019 में सेंटर के कंस्ट्रेक्शन के बारे टेंडर पास किया गया। जिसमें कंस्ट्रेक्शन की समय अवधि दस माह की थी। मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स द्वारा 21 फरवरी 2019 को सेंटर के कंस्ट्रेक्शन बारे पांच करोड़ 76 लाख 36 हजार 75 रुपये की बिड लगाई गई।

उसने मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स की बिड स्वीकार कर ली। 28 मार्च 2019 को उसने मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स द्वारा इकरारनामा कर लिया गया। मगर इस दौरान मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स के पार्टनरों अनुज अग्रवाल, निकुल अग्रवाल तथा नितिन अग्रवाल द्वारा कंस्ट्रेक्शन का कार्य बहुत धीमी गति से किया गया और बहुत से अनियमिताएं बरती। जब इंजीनियरों द्वारा कंस्ट्रेक्शन की क्वालिटी को लेकर टेस्ट किया गया तो वह फेल आए। मगर बिलों के आधार पर मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स को 2 करोड़ 28 लाख 35 हजार 371 रुपये जा चुके थे। इसके पश्चात सेंटर की कंस्ट्रेक्शन का कार्य दोबारा से शुरू करवाने के लिए मिनिस्ट्री से अप्रुवल ली जानी थी। मिनिस्ट्री द्वारा अपु्रवल दिए जाने से पहले मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स द्वारा मौके पर की गई कंस्ट्रेक्शन को डिप्टी डायरेक्टर साईं एनआरसी सोनीपत से चैक करवाया। जिन्होंने मौके पर की गई पैमाईश के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की। रिपोर्ट में कंस्ट्रेक्शन की पूरी कीमत 2 करोड़ 3 लाख 65 हजार 488 रुपये बनती है। कर्णम मलेश्वरी ने आरोप लगाया कि कंस्ट्रेक्शन के काम में गलत व अधिक पैमाइश करके मैसर्ज पिरामिड बिल्डर्स कंस्ट्रेक्सन कंपनी के तीन पार्टनरों ने 24 लाख 69 हजार 883 रुपयेे हड़प लिए। उसने आरोपितों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ धारा 406 व 420 के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।

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