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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को जारी किए गए 220 करोड़

इन राशि में आवर्ती और गैर आवर्ती राशि शामिल हैं। आवर्ती राशि कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य स्थापना कार्यों पर खर्च की जाती है। गैर आवर्ती राशि निर्माण कार्य, फर्नीचर और अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जाती है।

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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय

कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2021-22 में 220 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जबकि 2020-21 में 18300 लाख रुपये की राशि जारी की गई। इसमें 14300 लाख आवर्ती मद में और 4000 लाख रुपये की राशि गैर आवर्ती मद में जारी की गई। यह जानकारी सोमवार को हरियाणा के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने हरियाणा विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक प्रश्न के जवाब में विधानसभा के पटल पर रखी।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में 7521 लाख रुपये, 2016-17 में 7800 लाख रुपये, 2017-18 में 8200 लाख रुपये, 2018-19 में 9500 लाख रुपये, 2019-20 में 16300 लाख रुपये और 2020-21 में 18300 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। इन राशि में आवर्ती और गैर आवर्ती राशि शामिल हैं। आवर्ती राशि कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और अन्य स्थापना कार्यों पर खर्च की जाती है। गैर आवर्ती राशि निर्माण कार्य, फर्नीचर और अन्य विकास कार्यों पर खर्च की जाती है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय स्वायत्त निकाय होने के कारण अपने स्वयं के स्रोतों से भी आय अर्जित करता है। विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने 2015-16 में 13947.65 लाख रुपये, 2016-17 में 15325.03 लाख रुपये, 2017-18 में 16700.60 लाख रुपये, 2018-19 में 14988.42 लाख रुपये, 2019-20 में 15946.73 लाख रुपये और 2020-21 में 8705.17 लाख रुपये की आय अर्जित की है।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि वेतन और पेंशन में देरी के कई कारण हैं। इनमें शैक्षणिक सत्र 2016-16 से सम्बद्ध महाविद्यालयों को नए विश्वविद्यालयों में स्थानांतरित होने के कारण राजस्व में घाटा और 2017 में शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी बड़े कारण हैं। इसके अलावा, कोविड-19 महामारी के कारण आंतरिक प्राप्तियों से होने वाली आय में कमी भी एक कारण है।

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