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Bahadurgarh : नंदी के पेट से निकला 150 किलो लोहा और पॉलीथिन

गोधन सेवा समिति ने विवेकानंद नगर (Vivekananda Nagar) से नंदी को एंबुलेंस में सांखोल स्थित गोउपचार केंद्र में भर्ती करवाया था। पशु चिकित्सकों ने बताया कि नंदी के मुंह से लगातार पानी व लार बह रही है और उसके पेट का सारा दबाव छाती पर आ रहा है। जिस कारण उसे सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। इसके बाद नंदी का ऑपरेशन किया गया। करीब पांच घंटे चले इस सफल ऑप्रेशन में नंदी के पेट से 150 किलो पॉलीथिन, लोहे की स्क्रेप व सिक्के निकले।

Bahadurgarh : नंदी के पेट से निकला 150 किलो लोहा और पॉलीथिन
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बहादुरगढ़। नंदी के पेट में से निकाला गया पॉलीथिन व स्क्रेप दिखाते समिति सदस्य।

हरिभूमि न्यूज : बहादुरगढ़

गोधन सेवा समिति को शहर के विवेकानंद नगर में एक नंदी की हालत खराब होने की सूचना मिली। समिति की एम्बुलेंस (Ambulance) से नंदी को सांखोल स्थित गोउपचार केंद्र लाया गया। पशु चिकित्सकों (Veterinarians) की टीम ने देखा कि नंदी के मुंह से लगातार पानी व लार बह रही है और उसके पेट का सारा दबाव छाती पर आ रहा है। जिस कारण उसे सांस लेने में काफी परेशानी हो रही है। इसके बाद नंदी का ऑप्रेशन किया गया।

पशु चिकित्सक डॉ. राहुल भारद्वाज, वीएलडीए रविंद्र कुमार, रमेश, कृष्ण व ओम प्रकाश की टीम ने ऑप्रेशन शुरू किया। करीब पांच घंटे चले इस सफल ऑप्रेशन में नंदी के पेट से 150 किलो पॉलीथिन, लोहे की स्क्रेप व सिक्के निकले। इस तरह नंदी की जान बचा ली गई।

पशु चिकित्सक डॉ. राहुल भारद्वाज ने बताया कि पॉलीथिन खाने से गोवंश तिल-तिल मरने को मजबूर है। पॉलीथिन गोवंश की आंतों में फंस जाती है। इससे इनका समूचा पाचन तंत्र गड़बड़ा जाता है। शरीर में पॉलीथिन की संख्या बढ़़ने के साथ-साथ इनका पेट फूलता रहता है, जो अंत में इन गोवंश की असमय मौत का कारण बनता है। गौधन सेवा समिति के प्रधान रमेश राठी व सचिव बिजेंद्र राठी ने लोगों से खाने की चीजों को पॉलीथिन में बांधकर ना फैंकने की अपील की। साथ ही पॉलीथिन के प्रयोग को पूरी तरह रोकने का आह्वान किया।



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