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योगी सरकार का फैसला- नोएडा में बनाए जाएंगे ATS मुख्यालय और Commando ट्रेनिंग सेंटर

यमुना प्राधिकरण ने एयरपोर्ट की चारदीवारी से सटे सेक्टर में जमीन देने का फैसला किया है। प्राधिकरण सेक्टर-32 में इसके लिए जमीन चिह्नित की। प्राधिकरण ने 3 एकड़ जमीन आवंटित कर दी। जल्द ही एटीएस को आवंटन पत्र दे दिया जाएगा।

योगी सरकार का फैसला- नोएडा में बनाए जाएंगे ATS मुख्यालय और Commando ट्रेनिंग सेंटर
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योगी सरकार का फैसला

योगी सरकार (Yogi Government) ने नोएडा में एटीएस मुख्यालय (Anti Terrorism Squad) बनाने की मंजूरी दी। जिसके लिए नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) ने 3 एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। ये एटीएस मुख्यालय नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर (International Jewar Airport) के पास बनाया जाएगा। जिससे किसी भी आपात समय में सेना को एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकेगा। इसके साथ ही कमांडो ट्रेनिंग सेंटर बनाने का भी लक्ष्य रखा गया है। यहां पर अधिकारियों के दफ्तर और आवास भी बनेंगे। इसके लिए यमुना प्राधिकरण ने निशुल्क 3 एकड़ जमीन दी है। आपको बता दें कि यमुना प्राधिकरण ने एयरपोर्ट की चारदीवारी से सटे सेक्टर में जमीन देने का फैसला किया है। प्राधिकरण सेक्टर-32 में इसके लिए जमीन चिह्नित की। प्राधिकरण ने 3 एकड़ जमीन आवंटित कर दी। जल्द ही एटीएस को आवंटन पत्र दे दिया जाएगा।

जेवर एयरपोर्ट के पास अन्य सरकारी संस्थान बनाए जाएंगे

उत्तर प्रदेश के अन्य सरकारी संस्थान भी जेवर एयरपोर्ट के पास मुख्यालय बनाने के लिए आगे आ रहे हैं। एयरपोर्ट के पास यूपी एटीएस ने अपना मुख्यालय बनाने के लिए यमुना प्राधिकरण से संपर्क किया। एटीएस के आईजी डॉ. जीके गोस्वामी ने इसके लिए यमुना प्राधिकरण को अपना प्रस्ताव दिया। यमुना प्राधिकरण ने एटीएस के प्रस्ताव को गंभीरता से लिया। प्राधिकरण ने एटीएस मुख्यालय के लिए जमीन देने का फैसला किया।

एयरपोर्ट के पास एटीएस का मुख्यालय बनने से होंगे कई फायदे

यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने कहा कि एटीएस को अपना मुख्यालय बनाने के लिए 3 एकड़ जमीन दी गई है। सेक्टर-32 में यह जमीन आवंटित की गई है। जल्द ही जमीन पर कब्जा दे दिया जाएगा। एयरपोर्ट के पास एटीएस का मुख्यालय बनने से कई फायदे होंगे। अगर देश-प्रदेश में कोई अनहोनी होती है तो यहां से कमांडो दस्ता जाने में आसानी रहेगी। कम समय में कमांडो मौके पर पहुंच सकेंगे। इसी को देखते हुए यहां पर मुख्यालय बनाने का फैसला लिया गया है।

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