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महिलाओं के खिलाफ अपराध में आई कमी, लेकिन अपहरण के मामले कम सुलझे

देश की राजधानी दिल्ली में दुष्कर्म, छेड़छाड़, अपहरण, पॉक्सो एक्ट के मामलों में वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में कमी आई है। पुलिस ने ज्यादातर मामलों को सुलझा लिया है। कहां जाए तो पुलिस महिला पर हुए अपराध के हर 10 मामलों में से नौ मामलों को सुलझाने में सफल रही है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध में आई कमी, लेकिन अपहरण के मामले कम सुलझे
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महिला अपराध (प्रतीकात्मक फोटो)

देश की राजधानी दिल्ली में दुष्कर्म, छेड़छाड़, अपहरण, पॉक्सो एक्ट के मामलों में वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में कमी आई है। पुलिस ने ज्यादातर मामलों को सुलझा लिया है। कहां जाए तो पुलिस महिला पर हुए अपराध के हर 10 मामलों में से नौ मामलों को सुलझाने में सफल रही है।

लेकिन वर्ष 2020 में दिल्ली पुलिस महिलाओं के अपहरण की गुत्थी को सुलझाने में असमर्थ दिखी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों में ज्यादातर लोग जानकार ही होते है। वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में अपहरण के सुलझाने के मामले में काफी गिरावट आई है।

वर्ष 2019 में अपहरण के मामले तीन हजार 672 मामले दर्ज किए गए थे। इनमें से पुलिस ने 64 प्रतिशत मामलों को सुलझा लिया था। लेकिन वर्ष 2020 में महिलाओं के अपहरण के मामले में कमी जरूर आई। आकड़ा दो हजार 938 रहा। मगर पुलिस इन मामलों में वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में कम सुलझा पाई।

वर्ष 2019 में पुलिस 64 प्रतिशत मामलों को सुलझा लिया था। लेकिन वर्ष 2020 में यह आकड़ा 57 प्रतिशत ही रह गया। बाकि अन्य मामले जैसे दुष्कर्म, छेड़छाड़, पॉक्सो एक्ट के मामलों को दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2019 के मुकाबले वर्ष 2020 में ज्यादा सुलझाया है।

दुष्कर्म के मामले वर्ष 2019 में दो हजार 168 थे। वर्ष 2020 में यह आकड़ा एक हजार 699 ही रह गया। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2019 में दुष्कर्म के 95 प्रतिशत मामले सुलझाये थे जबकि वर्ष 2020 में यह आकड़ा बढ़कर 96 प्रतिशत हो गया।

छेड़छाड़ के आकड़े वर्ष 2019 में दो हजार 921 थे। वहीं वर्ष 2020 में यह आकड़ा दो 186 रह गया। पुलिस ने वर्ष 2019 में छेड़छाड़ के 88 प्रतिशत मामले सुलझाये गए हैं जबकि वर्ष 2020 में यह आकड़ा बढ़कर 90 प्रतिशत हो गया।

वहीं बात करे पॉक्सो एक्ट की वर्ष 2019 में पुलिस ने 109 मामले दर्ज किए थे। वर्ष 2020 में इसका आकड़ा 65 ही रह गया। वर्ष 2019 में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के 90 प्रतिशत मामलों को सुलझा लिया था। वर्ष 2020 में मामले सुलझाने का आकड़ा 94 प्रतिशत रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुष्कर्म मामलों में महज दो प्रतिशत मामलों में ही अनजान व्यक्ति होते है।

महिलाओं व लड़कियों को दी गई सुविधा

- महिलाओं के लिए 24 घंटे हर थाने में हेल्प डेस्क की सुविधा

- हर सुबह महिलाओं द्वारा दी गई शिकायत व पीसीआर कॉल को फिर से जांचने की सुविधा

- हिम्मत प्लस एप्प

- छात्राओं के लिए शक्ति सेल्फ ट्रेनिंग की सुविधा

कार्रवाई

- शिकायत के बाद तुरंत जीरो एफआईआर दर्ज करना

- 60 दिनों के अंदर दुष्कर्म की रिपोर्ट तैयार करना

- महिलाओं पर हुए अपराध की जांच महिला पुलिसकर्मी द्वारा करवाना

महिला की सुरक्षा में किया गया विकास

- सुरक्षित शहर परियोजना के तहत कमजोर बीटों में प्रखर वैन की शुरूआत

- स्कूल व कॉलेज के पास छात्राओं के लिए सुरक्षा का विकास

- महिला पुलिसकर्मियों को बीट ऑफिसर बनाना

- सभी पीसीआर में महिलाओं की तैनाती

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