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Supertech Case: नोएडा अथॉरिटी के प्लानिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत प्रबंधक पर गिरी गाज, राज्य सरकार ने कई अधिकारियों के खिलाफ बैठाई जांच

विवादों में रहे नोएडा (Noida) के एमेरल्ड केस में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कड़ी नाराजगी जताई है।

Supertech Case: नोएडा अथॉरिटी के प्लानिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत प्रबंधक पर गिरी गाज, राज्य सरकार ने कई अधिकारियों के खिलाफ बैठाई जांच
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प्रतीकात्मक तस्वीर

विवादों में रहे नोएडा (Noida) के एमेरल्ड केस में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के फैसले के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कड़ी नाराजगी जताई है। आपको बता दें कि सीएम ने जिम्मेदार अफसरों की पहचान करने और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। अब इसी सिलसिले में शासन में नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) के प्लानिंग डिपार्टमेंट में कार्यरत प्रबंधक को सस्पेंड कर दिया है। प्रबंधक को चार्जशीट थमाई गई है और जवाब मांगा गया है। इसके बाद में आगे की कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि नोएडा अथॉरिटी की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी ने प्लानिंग मैनेजर को सस्पेंड करने की शिकायत यूपी सरकार को भेजी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में प्लानिंग डिपार्टमेंट के मैनेजर मुकेश गोयल (Manager Mukesh Goyal) पर गंभीर आरोप लगे हैं। मैनेजर पर सबसे बड़ा आरोप यह है कि सुपरटेक ट्विन्स टावर (Supertech Twins Tower) से जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही थी। इस बारे में मुकेश गोयल को पूरी जानकारी थी। उन्होंने सही वक्त पर सही जानकारी नोएडा अथॉरिटी के उच्चाधिकारियों को उपलब्ध नहीं करवाई। जिसकी वजह से अथॉरिटी सही ढंग से अपनी बात सुप्रीम कोर्ट के सामने नहीं रख सकी। जिसका नुकसान यह हुआ कि सुप्रीम कोर्ट ने अथॉरिटी के खिलाफ तीखी टिप्पणियां कीं। नोएडा प्राधिकरण की छवि खराब हुई। यह रिपोर्ट मिलने के बाद सीईओ ऋतु महेश्वरी (CEO Ritu Maheshwari) ने मुकेश गोयल के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई करने की सिफारिश राज्य सरकार से की थी। अब औद्योगिक विकास विभाग ने मुकेश गोयल को सस्पेंड कर दिया है।

यही नहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी की सरकारों के 8 वर्ष के कार्यकाल के दौरान नोएडा में तैनात रहे अधिकारियों के खिलाफ जांच बैठा दी है। इसके लिए सीईओ ऋतु महेश्वरी ने दोनों एसीईओ की जांच समिति बनाई है। यह समिति देखेगी कि उन 8 वर्षों के दौरान किस-किस अफसर ने गलत ढंग से सुपरटेक बिल्डर (Supertech Builder) को फायदे पहुंचाए हैं। ऐसे तमाम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जानकारी मिल रही है कि जल्दी ही कई और अफसरों पर गाज गिर सकती है। नोएडा अथॉरिटी ने ऐसे जिम्मेदार अधिकारियों की लिस्ट बनाकर शासन को भेज दी है।

आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-93ए में सुपरटेक बिल्डर ने करीब एक हजार अतिरिक्त घरों का निर्माण किया। इसके लिए सुपरटेक एमेरल्ड कोर्ट हाउसिंग (Supertech Emerald Court Housing) सोसाइटी में दो अवैध टावर बनाकर खड़े कर दिए। इन अवैध टावरों के खिलाफ रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने नोएडा अथॉरिटी से बार-बार शिकायत की थी। जिस पर कोई सुनवाई नहीं की गई। मजबूर होकर आरडब्ल्यूए ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब कल यानी मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को ठीक मानते हुए दोनों अवैध टावरों को गिराने के आदेश दिए हैं।

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