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Sunday Special: दिल्ली के इस पांच साल के बच्चे ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 13 सेकंड में मारे 100 बॉक्सिंग पंच

Sunday Special: अरिंदम ने 13 सेकंड 7 डेसीसेकंड के अंदर सबसे तेजी से 100 बॉक्सिंग पंच मारकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अरिंदम के पिता अरुण गौर ने बताया कि कोरोना के दौरान जब लॉकडाउन था तो मैंने अरिंदम को घर में ही ट्रेनिंग दी। ये लगातार घर में खुद ही अभ्यास कर रहा था। इस बच्चे का कारनामा देखकर सब इसके फैन हो गए है।

Sunday Special: दिल्ली के इस पांच साल के बच्चे ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 13 सेकंड में मारे 100 बॉक्सिंग पंच
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दिल्ली के इस पांच साल के बच्चे ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड

Sunday Special महज पांच साल की उम्र में दिल्ली के एक बच्चे ने वर्ल्ड लेवल के बॉक्सिंग (Boxing) प्लेयर को हिला कर रख दिया है। उसके करतब को जो भी देख रहा है सब हैरान हो रहे हैं। इस बच्चे के टेलेंट के आगे बड़े-बड़े बॉक्सर पानी कम चाय है। जी हां हम बात करे है दिल्ली के अरिंदम गौर (Arindam Gaur) नाम के बच्चे की जिसने सिर्फ पांच साल की उम्र में वर्ल्ड रिकॉर्ड (World Record) बना लिया है। अरिंदम ने 13 सेकंड 7 डेसीसेकंड के अंदर सबसे तेजी से 100 बॉक्सिंग पंच मारकर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। अरिंदम के पिता अरुण गौर (Arun Gaur) ने बताया कि कोरोना के दौरान जब लॉकडाउन था तो मैंने अरिंदम को घर में ही ट्रेनिंग दी। ये लगातार घर में खुद ही अभ्यास कर रहा था। इस बच्चे का कारनामा देखकर सब इसके फैन हो गए है।


अरिंदम गौर ने कहा कि मैं पांच का हूं और मैं पहली क्लास में पढ़ता हूं। मुझे बॉक्सिंग से प्यार है और दिन में तीन घंटे तक हर रोज अभ्यास करता हूं। आपकों बताना चाहेंगे कि अरिंदम ने फ़्लॉइड मेवेदर जूनियर, मैनी पैकियाओ, ऑस्कर डे ला होया, रिचर्ड गार्सिया और माइक टायसन को पीछे छोड़ दिया है। उसने सबसे तेज बॉक्सिंग पंच मारने का रिकॉर्ड बनाया है। अरिंदम ने आगे कहा कि मैं एक बड़ा बॉक्सर बनना चाहता हूं और मेरे पसंदीदा मुक्केबाज विजेंदर सिंह और मैरी कॉम हैं। मैं मैरी कॉम मैडम को ओलिंपिक के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। ताकि वह गोल्ड जीतकर भारत का नाम रोशन करें।

अरिंदम के पिता अरुण गौर ने बताया कि कैसे उनके बच्चे ने बॉक्सिंग शुरू की और वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज किया। मैं अरिंदम के लिए उनके पांचवें जन्मदिन पर एक पंचिंग बैग लाया, क्योंकि उनके बच्चे ने पंचिंग बैग लाने के लिए कहा था। मुझे नहीं पता कि उन्हें इसके बारे में कहां से पता चला लेकिन वह मुझसे बैग मांगते रहता था और धीरे-धीरे उन्होंने अभ्यास करना शुरू कर दिया।


अपने दम पर ये वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। आपको बता दें कि दो साल से कोरोना महामारी के कारण ज्यादातर शहरों में लॉकडाउन लागू है। ऐसे में कई बच्चे है जिनके हौंसलों इस दौरान भी नहीं टूटे है। दिन रात की मेहनत के बाद वे अपने सपने को पूरा कर रहे है। ऐसे ही बच्चों में एक अरिंदम है। जिसने इन दो सालों में कड़ी मेहनत करके वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उनके माता-पिता अपने बेटे के इस टेलेंट को देखकर बहुत खुश है। साथ ही साथ अरिंदम की पूरी मदद कर रहे है। उनकी हर जरूरत की चीजों को उनको मुहैया करवा रहे है।

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