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Sunday Special: निवेशकों के लिए पसंदीदा जगह बनी दिल्ली-NCR, नोएडा में चार साल में इतने करोड़ का निवेश

आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी है कि जेवर एयरपोर्ट के निर्माण होने के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में अपना उद्यम स्थापित करने वाले निवेशकों की संख्या में इजाफा होगा, जिसका लाभ नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकार को भी होगा। यहां उद्योग लगाने वाले निवेशकों की संख्या में और इजाफा होगा।

Sunday Special: निवेशकों के लिए पसंदीदा जगह बनी दिल्ली-NCR, नोएडा में चार साल में इतने करोड़ का निवेश
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निवेशकों के लिए पसंदीदा जगह बनी दिल्ली-NCR

Sunday Special उत्तर प्रदेश का नोएडा (Noida) क्षेत्र उद्योगपतियों (Businessmen) के लिए लोकप्रिय जगह बनती जा रही है। इस बात का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते है कि पिछले चार सालों में 20 हजार से ज्यादा करोड़ की इंडस्ट्रीज लगाई जा रही है। वहीं, नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण में निवेश के लिए 855 बड़े निवेशकों (Investors) ने जमीन खरीदे हैं। ये बड़े निवेशक नोएडा में 20,560 करोड़ रुपये का निवेश कर अपना उद्यम स्थापित कर रहे हैं, जिसमें 1,47,703 लोगों को स्थाई रोजगार मिलेगा। वहीं उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकेगा। बता दें कि इन बड़े निवेशकों में सैमसंग, पेटीएम, टीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट, अडानी ग्रुप, केंट आरओ तथा हल्दीराम शामिल हैं।

जेवर एयरपोर्ट से निवेशकों को होगा फायदा

आधिकारिक सूत्रों ने जानकारी दी है कि जेवर एयरपोर्ट के निर्माण होने के बाद यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) में अपना उद्यम स्थापित करने वाले निवेशकों की संख्या में इजाफा होगा, जिसका लाभ नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकार को भी होगा। यहां उद्योग लगाने वाले निवेशकों की संख्या में और इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि नोएडा के बड़े निवेशकों के बीच शुरू हुई यह चर्चा में अकारण नहीं है। बीते चार सालों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिस तरह से अलग-अलग सेक्टरों में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीतियों को तैयार कराया है। वे काबिले तारीफ है। उनके सही फैसले की वजह से ही नोएडा में इतना निवेश हो रहा है।

लाखों युवाओं को मिलेगा रोजगार

उसके चलते बड़ी संख्या में देशी-विदेशी कंपनियों ने नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा), ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (ग्रेटर नोएडा) और यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में अपनी फैक्ट्री लगाने की पहल की। औद्योगिक विकास के अधिकारियों के अनुसार बीते चार सालों में सरकार की नीतियों से प्रभावित होकर 855 बड़े निवेशकों ने नोएडा में फैक्ट्री लगाने के लिए औद्योगिक प्लॉट लिए हैं। इन 855 औद्योगिक प्लॉट पर 20,560 करोड़ रुपये का निवेश कर फैक्ट्री लगाई जाएगी। इन फैक्ट्रियों में 1,47,703 लोगों को स्थायी रोजगार मिलेगा।

17 अप्रैल 1976 को हुई थी नोएडा की स्थापना

नोएडा में जिन 855 बड़े निवेशकों ने औद्यगिक प्लॉट लिए हैं उनमें से तमाम निवेशको ने अपनी यूनिट की स्थापना का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। 4826 करोड़ रुपये का निवेश कर लगी सैमसंग की फैक्ट्री में 2500 लोगों को रोजगार मिला है। आईटी सेक्टर में टीसीएम ने 2300 करोड़ रुपये और मदरसन ग्रुप ने 47 करोड़ रुपये का निवेश नोएडा में किया है। वहीं डेटा प्रोसेसिंग के सेक्टर में अडानी ग्रुप ने भी 2500 करोड़ का निवेश करने के लिए 39,146 एकड़ जमीन ली है। इसके साथ ही माइक्रोसॉफ्ट ने सेक्टर-145 में 60,000 वर्ग मीटर जमीन खरीदी है। इसके साथ ही डिक्सन टेक्नॉलोजी इंडिया ने सेक्टर 151 में 21000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल भूखंड आवंटित किया है। बता दें कि दिल्ली से सटे नोएडा की स्थापना 17 अप्रैल 1976 को हुई थी, तब से लेकर अब तक नोएडा में देश और विदेश के बड़े-बड़े निवेशक लगातार अपनी फैक्ट्री लगा रहे हैं।

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