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जबरन वसूली और भ्रष्टाचार मामले में 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ F.I.R दर्ज, सिर्फ एक गिरफ्तार

Noida crime: पुलिस ने कहा कि कांस्टेबल नितिन चौधरी और सोनू नामक एक अन्य व्यक्ति को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में उपनिरीक्षक चेतन प्रकाश, कांस्टेबल सुमित पावला, कांस्टेबल सुमित शर्मा, कांस्टेबल अतुल नागर और कांस्टेबल सुमित मंडार फरार है। उनकी तलाश की जा रही है।

जबरन वसूली और भ्रष्टाचार मामले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ F.I.R दर्ज, एक गिरफ्तार तो कई है फरार
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जबरन वसूली और भ्रष्टाचार मामले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ F.I.R दर्ज

नोएडा में कानून के रखवाले ही कानून तोड़ने में लगे हुए है। जिसको लेकर नोएडा पुलिस (Noida Police) द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में छह पुलिसकर्मियों (Case Filed Against Six Policemen) के खिलाफ जबरन वसूली और भ्रष्टाचार (Extortion and Corruption) के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। इनमें से एक पुलिसकर्मी (सोनू) को एक अन्य व्यक्ति के साथ गिरफ्तार (Arrested) किया गया है। पुलिस ने कहा कि कांस्टेबल नितिन चौधरी और सोनू नामक एक अन्य व्यक्ति को जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया। इस मामले में उपनिरीक्षक चेतन प्रकाश, कांस्टेबल सुमित पावला, कांस्टेबल सुमित शर्मा, कांस्टेबल अतुल नागर और कांस्टेबल सुमित मंडार फरार है। उनकी तलाश की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक, सभी आरोपी पुलिसकर्मी लखनऊ से संचालित नोएडा के सेक्टर 36 में स्थित साइबर क्राइम थाने में तैनात हैं। नोएडा पुलिस को रविवार को कुछ लोगों के अपहरण की जानकारी मिली थी, जिसके बाद एक स्थानीय पुलिस दल ने जांच आरंभ की। उन्होंने बताया कि यह पता चला कि कुछ पुलिसकर्मी एक मामले की जांच कर रहे थे और उन्होंने नोएडा सेक्टर 65 में स्थित एक निजी कंपनी के तीन कर्मियों को उठा लिया था। इन लोगों को दो लाख रुपए के एवज में छोड़ दिया गया था, लेकिन कांस्टेबल नितिन चौधरी ने और धन की मांग की। सोनू रविवार को और रकम लेने पहुंचा, लेकिन तभी पुलिस ने उसे नोएडा स्टेडियम के पास गिरफ्तार कर लिया।

कंपनी के कर्मियों को छोड़ने के लिए मांगी गई थी मोटी रकम

माजू चौहान नामक व्यक्ति की बंधन फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के नाम से सेक्टर 65 में एक कंपनी है। पीड़ित के अनुसार 10 फरवरी को सादे कपड़ों में आधा दर्जन पुलिसकर्मी उसकी कंपनी में आए तथा कंपनी में काम करने वाले वसीम, सुहेल और परवेज को पकड़ कर अपने साथ ले गए। इन लोगों ने उन्हें छोड़ने के एवज में सात लाख रुपए की मांग की। बाद में पांच लाख रुपए में सौदा तय हुआ। इन लोगों ने दो लाख रुपए लेकर तीनों को छोड़ दिया और वे बकाया तीन लाख रुपए के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। डीसीपी ने बताया कि सोनू ने पूछताछ में बताया कि नितिन चौधरी ने उसे पैसे लेने के लिए भेजा था। उन्होंने बताया कि कांस्टेबल नितिन चौधरी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

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