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पेयजल को लेकर जल शक्ति मंत्रालय की रिपॉर्ट में हुआ खुलासा, एक लाख सैंपल में मिली अशुद्धियां, कहीं आप भी तो नहीं पी रहे हैं दूषित पानी

जल शक्ति मंत्रालय की रिपॉर्ट में खुलासा किया गया है कि पेयजल में अशुद्धियां पृथ्वी की सतह पर प्राकृतिक तौर पर मौजूद रसायन तथा मिनरल जैसे ऑर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन और यूरेनियम आदि की थीं। इसमें यह भी कहा गया कि जल स्रोतों के निकट भारी धातु की उत्पादन इकाइयों के कारण भी जल में अशुद्धियां हो सकती हैं।

पेयजल
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Water

देशभर में पेयजल (Drinking Water) को लेकर हैरान करने वाले आंकड़े सामने आए है। एक खुलासे (Revealed) के अंतर्गत देश में एक लाख से ज्यादा पेयजल के नमूने फेल हो गए है। वह पीने लायक पानी नहीं पाया गया है। ये खुलासा केंद्र (Central Government) द्वारा शुरू किए गए एक कार्यक्रम के तहत किया गया। इसमें कुल 13 लाख से ज्यादा पेयजल के नमूनों लिए गए थे। लेकिन इसमें एक लाख से अधिक नमूने अशुद्ध पाए गए।

इस संबंध में जल शक्ति मंत्रालय (Ministry of Jal Shakti) की रिपॉर्ट में खुलासा किया गया है कि पेयजल में अशुद्धियां पृथ्वी की सतह पर प्राकृतिक तौर पर मौजूद रसायन तथा मिनरल जैसे ऑर्सेनिक, फ्लोराइड, आयरन और यूरेनियम आदि की थीं। इसमें यह भी कहा गया कि जल स्रोतों के निकट भारी धातु की उत्पादन इकाइयों के कारण भी जल में अशुद्धियां हो सकती हैं। मंत्रालय ने कहा कि इसके अलावा जल शोधन संयंत्रों के सही से काम नहीं करने के कारण अथवा जलापूर्ती तंत्र सही नहीं होने से भी पानी में अशुद्धियां हो सकती हैं। आंकड़ों के अनुसार, प्रयोगशालाओं में 13 लाख से ज्यादा नमूनों की जांच की गई। इनमें से 1 लाख से ज्यादा नमूनों में अशुद्धियां पाई गईं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में कहा कि अगर पानी का नमूना गुणवत्ता जांच में खरा नहीं उतरता है तो अधिकारियों को ऑनलाइन इसके बारे में जानकारी दी जा सकती है। वे जांच कर सकते हैं कि क्या कोई कार्रवाई की गई है। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, पानी के नमूनों की जांच 2,011 सक्रिय प्रयोगशालाओं में की जा रही है और अब तक 2,05,941 गांवों के पानी की जांच की जा चुकी है।

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