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दिल्ली में शराब खरीदने पर छूटेगा पसीना, सरकार बढ़ाने वाली है इतने दाम

दिल्ली सरकार कोरोना काल (Corona Pandemic) में लगे लॉकडाउन (Lock down) के दौरान राजस्व बढ़ाने के लिए शराब के दाम में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। हालांकि बाद में शराब के दाम बढ़ाने का फैसला वापिस ले लिया गया था।

दिल्ली में शराब खरीदने पर छूटेगा पसीना, सरकार बढ़ाने वाली है इतने दाम
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दिल्ली में शराब खरीदने पर छूटेगा पसीना

दिल्ली में अब शराब पीने के लिए ज्यादा पैसे (Alcohol Prike Hike) देना पड़ सकता है। क्योंकि दिल्ली सरकार (Delhi Government) शराब की कीमत बढ़ाने के साथ कई सुझावों पर विराच कर रही है। इसलिए अगर दिल्ली सरकार इन सुझावों पर विचार कर नई एक्साइज पॉलिसी (New Excise Policy) लाती है तो राजधानी में शराब की कीमत 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है। ये सुझाव दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई पैनल की टीम ने दी है। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार कोरोना काल (Corona Pandemic) में लगे लॉकडाउन (Lock down) के दौरान राजस्व बढ़ाने के लिए शराब के दाम में बढ़ोतरी कर चुकी हैं। हालांकि बाद में शराब के दाम बढ़ाने का फैसला वापिस ले लिया गया था।

दिल्ली में ड्राई डे की संख्या भी घटना की गई सिफारिश

नये पैनल के सुझाव में शराब के दाम में 50 फीसदी बढ़ोतरी से लेकर ड्राई डे की संख्या घटना की सिफारिश की गई है। अगर सरकार पैनल की इस रिपोर्ट पर मुहर लगाती है तो शराब महंगी हो जाएंगी और सरकारी और निजी स्वामित्व वाली दुकानों पर दिल्ली में शराब की बिक्री के नियमों में बदलाव हो सकता है। हालांकि, सरकार अगर यह प्रस्ताव लागू करती है तो इससे छोटे और मीडियम निर्माताओं के लिए परेशानी बढ़ जाएगी। इतना ही नहीं, कम दाम में शराब की चाहत रखने वाले ग्राहकों की भी मुश्किलें बढ़ जाएंगी। इतना ही नहीं, पैनल ने यह भी सिफारिश की है कि शराब पीने की उम्र को भी 21 साल कर कर दिया जाए। साथ ही बार और रेस्टोरेंट में शराब परोसने की टाइमिंग को भी बढ़ाया जाए।

इन माध्यमों से दिल्ली सरकार की होती है कमाई

जानकारी के अनुसार, दिल्ली में नई एक्साइज पॉलिसी लागू होने से दिल्ली सरकार के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि नई एक्साइज पॉलिसी के आने के बाद राजस्व 5 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 8 हजार करोड़ रुपये तक का राजस्व जुटाना है। दिल्ली सरकार फिलहाल ब्रांड पंजीकरण से 46 करोड़ रुपये, भारतीय शराब से 4,507 करोड़ रुपये, विदेशी शराब से 240 करोड़ रुपये और देशी शराब से 210 करोड़ रुपये के राजस्व की कमाई करती है। इतना ही नहीं, राज्य सरकार ने रेस्तरां और शराब परोसने वाले बार से लाइसेंस फीस के बतौर 170 करोड़ रुपये, निर्यात और परमिट शुल्क से 300 करोड़ रुपये और खुदरा लाइसेंस से 40 करोड़ रुपये कमाए हैं। कुल मिलाकर शराब से सरकार की कमाई अभी 5,068.70 करोड़ रुपये हो रही है, जिसे राज्य सरकार लगभग 8,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना चाहती है।

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