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DMRC ने 'मेट्रो मैन' का इस्तीफा स्वीकार किया, कहा- योगदान के लिए 'थैंक्स'

भाजपा से जुड़ने के पहले श्रीधरन ने कहा था कि उनका मुख्य लक्ष्य केरल में पार्टी को सत्ता में लाने का है और वह मुख्यमंत्री बनने को तैयार रहेंगे। दिल्ली मेट्रो को रफ्तार देने वाले मेट्रो मैन ई. श्रीधरन का नाता आखिरकार दिल्ली मेट्रो रेल निगम से टूट ही गया।

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DMRC ने 'मेट्रो मैन' का इस्तीफा स्वीकार किया

दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) और 'मेट्रो मैन' (Metro Man) से मशहूर डॉ. ई श्रीधरन (E. Sreedharan) का नाता टूट गया है। श्रीधरन ने दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) को अपना इस्तीफा दिया था। जिसके बाद दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने ई श्रीधरन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बारे में बताया। शहरी परिवहन क्षेत्र में योगदान के लिए 'मेट्रो मैन' के नाम से मशहूर श्रीधरन (88) ने अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करने के लिए इस्तीफा दे दिया। दिल्ली मेट्रो ने एक बयान में कहा कि डॉ. ई श्रीधरन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। डीएमआरसी में अपार योगदान के लिए हम डॉ. श्रीधरन का शुक्रिया अदा करते हैं। वह डीएमआरसी में प्रधान सलाहकार के तौर पर काम कर रहे थे और पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से इससे जुड़े थे।

केरल में बीजेपी को सत्ता में लाने का विचार

भाजपा से जुड़ने के पहले श्रीधरन ने कहा था कि उनका मुख्य लक्ष्य केरल में पार्टी को सत्ता में लाने का है और वह मुख्यमंत्री बनने को तैयार रहेंगे। दिल्ली मेट्रो को रफ्तार देने वाले मेट्रो मैन ई. श्रीधरन का नाता आखिरकार दिल्ली मेट्रो रेल निगम से टूट ही गया। पिछले दिनों ई. श्रीधरन ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के प्रधान सलाहकार के पद से इस्तीफा दे दिया था। दिल्ली मेट्रो ने भी इस इस्तीफे के पुष्टि करते हुए कहा था कि मेट्रो मैन श्रीधरन औपचारिक रूप से दिल्ली मेट्रो से अलग हो गए।

12 जून, 1932 को केरल में जन्में थे श्रीधरण

12 जून, 1932 को केरल में जन्में ई. श्रीधरन को एक प्रख्यात सिविल इंजीनियर के रूप में शुमार किया जाता है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दिल्ली मेट्रो के सपने को हकीकत का जामा पहनाने वाले ई. श्रीधरन 1995 से 2012 तक दिल्ली मेट्रो के निदेशक रहे।

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