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2 सालों से फीकी पड़ रही कांवड़ यात्रा में फिर दिखेगी रौनक, केजरीवल सरकार ने कांवड़ियों को देगी ये सहूलियत

कोरोना महामारी (corona epidemic) के चलते पिछले दो सालों से फीकी पड़ रही कांवड़ यात्रा (kanwar yatra) को राजधानी दिल्ली की सत्ता में बैठी केजरीवल सरकार ( kejriwal government) ने इस साल की कांवड़ यात्रा को खास बनाने का फैसला किया है।

2 सालों से फीकी पड़ रही कांवड़ यात्रा में फिर दिखेगी रौनक, केजरीवल सरकार ने कांवड़ियों को देगी ये सहूलियत
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कोरोना महामारी (corona epidemic) के चलते पिछले दो सालों से फीकी पड़ रही कांवड़ यात्रा (kanwar yatra) को राजधानी दिल्ली की सत्ता में बैठी केजरीवल सरकार ( kejriwal government) ने इस साल की कांवड़ यात्रा को खास बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (arvind kejriwal) के निर्देश पर इस बार कांवड़ यात्रा से लौट रहे शिव भक्तों की सुविधा के लिए राजधानी के विभिन्न इलाकों में 175 कांवड़ कैंप लगाए जाएंगे।

इस संबंध में मंगलवार को राजस्व विभाग मुख्यालय में संभागायुक्त की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों की सामंजस्य बैठक हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग, बिजली कंपनियों, दिल्ली पुलिस, सभी डीएम, दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्ल्यूडी, एनडीएमसी, डीडीए, नगर निगम, अग्निशमन विभाग, नागरिक सुरक्षा आदि के अधिकारी मौजूद थे। बैठक के बाद दिल्ली सरकार की तीर्थ विकास समिति के अध्यक्ष कमल बंसल ने कहा कि इस बैठक में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखने का फैसला किया गया।

उन्होंने कहा कि कांवड़ कैंप (kanwar camp) हैंगिंग पोर्टा केबिन (hanging porta cabin) तकनीक पर आधारित होंगे। इसमें रस्सियाँ और बल्लियां नहीं होती हैं। इन्हें तैयार करने में सिर्फ 24 घंटे का समय लगता है। इससे जाम की समस्या नहीं होती है। इन कैंपों में जनरेटर, डीजल, दवाइयां, मोबाइल शौचालय, पानी की व्यवस्था और साफ-सफाई की व्यवस्था की जाती है।

इसके अलावा टेंट लगाने वाली संस्था को यात्रियों के खाने-पीने, बिजली का मीटर और बिल का भुगतान करना होता है। बंसल ने बताया कि 14 जुलाई से शिव भक्त हरिद्वार से जल लेकर पैदल चलना शुरू करेंगे, जिन्हे दिल्ली पहुंचने में 3-4 दिन का समय लगेंगे. इस कारण खासकर 17 से 26 जुलाई तक राजधानी में भीड़भाड़ रहने की संभावना है।

इस बीच पंजाब और हरियाणा की ओर जाने वाले श्रद्धालु भी दिल्ली में ही रहेंगे। अंतिम दो दिन 24 व 25 जुलाई को दिल्ली व आसपास के कांवड़ तीर्थयात्री टेंट (kanwar pilgrim) में रहेंगे। इनमें डाक कंवर वाले भी होते हैं, जो बिना जल चढ़ाए घर नहीं जा सकते।

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