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International Girl Child Day : दिल्ली की लड़की का ब्रिटेन में बजा डंका, एक दिन के लिए बनी उच्चायुक्त

International Day of the Girl Child: दिल्ली की बेटी वेंकटेश्वरन ने कहा कि मैं जब छोटी थी, तब नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश काउंसिल के पुस्तकालय जाया करती थी और तभी से मेरे अंदर सीखने की इच्छा पैदा हुई। एक दिन के लिए ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनना एक सुनहरा अवसर है।

International Girl Child Day : दिल्ली की लड़की का ब्रिटेन में बजा डंका, एक दिन के लिए बनी उच्चायुक्त
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दिल्ली की लड़की का ब्रिटेन में बजा डंका

दिल्ली की एक लड़की का ब्रिटेन में डंका बजा है। ब्रिटेन का उच्चायोग बनने का मौका मिला है। ये दिल्ली वालों के अच्छी खबर है। दिल्ली की बेटी एक दिन के लिए ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनी है। इस खुशी के मौके पर दिल्ली की बेटी वेंकटेश्वरन ने कहा कि मैं जब छोटी थी, तब नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश काउंसिल के पुस्तकालय जाया करती थी और तभी से मेरे अंदर सीखने की इच्छा पैदा हुई। एक दिन के लिए ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनना एक सुनहरा अवसर है। आपको बता दें कि ब्रिटेन का उच्चायोग पूरी दुनिया में एक प्रतियोगिता आयोजित करता है जिसमें पूरी दुनिया से 18 से 23 वर्ष की लड़की भाग लेती है। इसी प्रतियोगिता के तहत एक दिन के लिए भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनने का मौका मिला।

महिला सशक्तीकरण को लेकर किया जाता है काम

दिल्ली निवासी चैतन्या वेंकटेश्वरन को भारत में ब्रिटेन की वरिष्ठतम राजनयिक बनने का पिछले बुधवार को मौका मिला। वेंकटेश्वरन को दुनियाभर की महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित करने और महिला सशक्तीकरण के लिए मिशन की पहल के तहत यह अवसर दिया गया।

ब्रिटेन का उच्चायोग 2017 करवा रहा प्रतियोगिता

ब्रिटेन का उच्चायोग 2017 से हर साल एक दिन के लिए उच्चायुक्त प्रतियोगिता आयोजित करता है, जिसमें 18 से 23 वर्ष की युवतियां भाग ले सकती हैं। ब्रिटेन के उच्चायोग ने एक बयान में बताया कि 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर ब्रिटेन के मिशन द्वारा आयोजित वार्षिक प्रतियोगिता के तहत वेंकटेश्वरन चौथी युवती हैं, जो ब्रिटेन की उच्चायुक्त बनीं। उच्चायुक्त के रूप में वेंकटेश्वरन ने उच्चायुक्त के विभाग प्रमुखों को उनके काम सौंपे, वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारियों से बातचीत की, मीडिया से मुलाकात की और भारतीय महिला प्रतिभागियों पर ब्रिटिश काउंसिल स्टेम छात्रवृत्ति के असर का पता लगाने संबंधी अध्ययन की शुरुआत की।

प्रतियोगिता के लिए डाला गया था एक मिनट का वीडियो

प्रतियोगिता के तहत इस साल प्रतिभागियों से सोशल मीडिया पर एक मिनट का वीडियो डालने को कहा गया था, जिसमें उन्हें यह बताना था कि कोविड-19 संकट में लैंगिक समानता के लिए क्या वैश्विक चुनौतियां और अवसर हैं? भारत में ब्रिटेन के कार्यवाहक उच्चायुक्त जैन थॉम्पसन ने कहा कि यह प्रतियोगिता उन्हें बहुत पसंद है, जो असाधारण युवतियों को मंच मुहैया कराती है।

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