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युवक नाबालिग बच्ची को दिखाता था प्राइवेट पार्ट, शिकायत पर आरोपी गिरफ्तार, साथ ही पढ़े नोएडा की टॉप न्यूज

पुलिस ने कहा कि नाबालिग लड़की ने शिकायत की थी, इस आधार पर गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की गई जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों के कड़े संरक्षण अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

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गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो)

Noida Crime ग्रेटर नोएडा के कासना इलाके में एक अजीब खबर सामने आई है। यहां एक पड़ोस में रहने वाला सिरफिर व्यक्ति नाबालिग बच्ची को अपना प्राइवेट पार्ट (Private Part) दिखाता था। जिसके बाद उस युवक की पुलिस (Noida Police) में शिकायत दी गई। जिसके आधार पर ग्रेटर नोएडा पुलिस (Greater Noida) ने कथित यौन उत्पीड़न के आरोप में शख्स को गिरफ्तार (Accused Arrested) कर लिया है। उससे पूछताछ का जा रही है। आरोपी और नाबालिग बच्ची दोनों एक ही पड़ोस में रहते हैं। पुलिस ने कहा कि नाबालिग लड़की ने शिकायत की थी, इस आधार पर गुरुवार को प्राथमिकी दर्ज की गई जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया इस मामले में यौन अपराधों से बच्चों के कड़े संरक्षण अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत लापता किशोर को किया बरामद

नोएडा पुलिस आज अच्छी कामयाबी मिली है। उत्तर प्रदेश के गोंडा से लापता हुए 13 वर्षीय किशोर को 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बरामद किया है। पुलिस ने किशोर के परिजन से संपर्क कर, उन्हें नोएडा बुलाया तथा किशोर को उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस आयुक्त आलोक सिंह के मीडिया प्रभारी ने बताया कि एक जुलाई को थाना फेस-3 पुलिस को सेक्टर 61 मेट्रो स्टेशन पर 13 वर्षीय किशोर लावारिस अवस्था में घूमता हुआ मिला। उन्होंने बताया कि पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह ग्राम भैंसहा थाना कोडिया जिला गोंडा उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। बच्चे ने पुलिस को बताया कि वह दो जून वर्ष को अपने घर वालों को बताए बिना दिल्ली घूमने के लिए आ गया था और यहां पर वह गुम हो गया। मीडिया प्रभारी ने बताया कि नोएडा पुलिस ने गोंडा पुलिस से संपर्क किया तो पता चला कि स्थानीय थाने में किशोर की गुमशुदगी 29 जून को दर्ज कराई गई थी।

गाजीपुर बॉर्डर पर हंगामा करने के मामले में 200 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज

गाजियाबाद पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर हंगामा करने और भाजपा कार्यकर्ताओं के वाहनों को क्षतिग्रस्त करने के आरोप में बृहस्पतिवार को 200 प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। नगर पुलिस अधीक्षक (द्वितीय) ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि ट्रांस हिंडन क्षेत्र (साहिबाबाद) के कौशांबी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच बुधवार को उस समय हाथापाई हो गई थी जब सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर जुलूस निकाल रहे थे, जहां प्रदर्शनकारी, मुख्य रूप से बीकेयू के समर्थक नवंबर 2020 से डेरा डाले हुए हैं। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने एक बयान में कहा कि एकतरफा पुलिस कार्रवाई किसानों के विरोध को दबाने की कोशिश है।

एकतरफा प्यार में आशिक बना शैतान, युवती को गाड़ी से कुचलने का किया प्रयास

गाजियाबाद में रहने वाले एक आशिक ने एकतरफा प्यार में इतना पागल हो गया कि युवती को गाड़ी से कुचलकर मारने का ही प्लान बना लिया। लेकिन उसकी ये मुराद पूरी नहीं हो सकी और युवती बाल-बाल बच गई। युवती ने सिरफिरे आशिक के खिलाफ गाजियाबाद पुलिस को शिकायत दी जिसके बाद युवती की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि आरोपी सोनू उसके मोहल्ले में ही रहता है और काफी समय से उसका पीछा करता है। उसने कई बार आरोपी का विरोध भी किया। इससे आरोपी रंजिश रखने लगा। इसी क्रम में 12 जून को जब वह काम पर जाने के लिए घर से निकली तो आरोपी ने रास्ते में उसके ऊपर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया।

एंबुलेंस एजेंसी ने मरीज के परिजनों को लौटाए तीन लाख रुपये

योगी सरकार की सख्ती के बाद नोएडा सेक्टर-128 की साईं एंबुलेंस एजेंसी ने मरीज के परिजनों को तीन लाख रुपये लौटा दिए हैं। जिला प्रशासन के हस्तक्षेप पर एजेंसी ने बीते हफ्ते एक लाख रुपये लौटाए थे, लेकिन जांच कर रही कमेटी ने उस पर असहमति जताई थी, जिसके बाद दो लाख रुपये और लौटा दिए हैं। उधर, प्रशासन ने राजनगर एक्सटेंशन निवासी शिकायतकर्ता स्मिति पांडेय से पूछा है कि क्या एजेंसी की तरफ से बताई गई धनराशि लौटा दी गई है। 24 अप्रैल को एंबुलेंस एजेंसी ने स्मिति के पति को नोएडा से वाराणसी तक छोड़ने के लिए पांच लाख रुपये चार्ज के तौर पर लिए थे। बीते सप्ताह स्मिति ने डीएम राकेश कुमार सिंह ने मिलकर शिकायत की थी कि उनके पति अप्रैल में कोरोना संक्रमित हुई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें नोएडा के जेपी अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां पर बेड नहीं मिला। उन्होंने अपने परिजनों की मदद से बीएचयू में बेड का इंतजाम कर लिया, लेकिन मरीज की हालत ज्यादा खराब थी।

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