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एशिया के सबसे बड़े जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास विकसित किया जाएगा चमड़ा उद्योग, इतने हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

सरकार ने बताया कि 'एक जिला एक उत्पाद' (ओडीओपी) योजना के तहत चमड़ा पार्क विकसित किया जाएगा। जिसके तहत जूते, लेदर से बनी फैशन वस्तुएं और अन्य सामान के विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना से यहां के 50 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं यहां से सालाना दो-तीन हजार करोड़ रुपये का निर्यात होगा।

एशिया के सबसे बड़े जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास डवलप किया जाएगा चमड़ा उद्योग, इतने हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
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एशिया के सबसे बड़े जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास डवलप किया जाएगा चमड़ा उद्योग

उत्तर प्रदेश सरकार (Uttar Pradesh Government) ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों को खुशखबरी दी है। पूरे भारत में सबसे ज्यादा निवेश आने वाली जगह यमुना प्राधिकरण में चमड़ा पार्क (Leather industry) बनाने की घोषणा की है। ये ग्रेटर नोएडा में बन रहे अंतरराष्ट्रीय जेवर एयरपोर्ट (International Jewar Airport) के पास बनाया जाएगा। सरकार ने बताया कि 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत चमड़ा पार्क (Chamda Park) विकसित किया जाएगा। जिसके तहत जूते, लेदर से बनी फैशन वस्तुएं और अन्य सामान के विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। इस योजना से यहां के 50 हजार लोगों को रोजगार (Employment) मिलने की संभावना है।

वहीं यहां से सालाना दो-तीन हजार करोड़ रुपये का निर्यात होगा। चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) ने बताया कि करीब 100 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित होने वाले इस पार्क के जरिए 4000 करोड़ रुपये का निवेश आएगा। सीएलई के उत्तर क्षेत्रीय अध्यक्ष मोतीलाल सेठी की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह से बुधवार को मुलाकात की। उन्होंने यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में चमड़ा पार्क विकसित करने की मांग रखी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के सीईओ ने 100 एकड़ जमीन देने के लिए सहमति दी है।

सेठी ने आगे कहा कि इस समय सिर्फ नोएडा सालाना निर्यात में 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान देता है और चमड़ा पार्क में तीन-चार हजार करोड़ रुपये तक निवेश लाया जा सकता है, जिससे सालाना दो-तीन हजार करोड़ रुपये का निर्यात होगा और राज्य में करीब 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। इस समय ज्यादातर निर्यात इकाइयां नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हैं और वे चारों तरफ बिखरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि इससे उनकी विनिर्माण क्षमता और दक्षता में बाधा आती है।

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