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Repeal Agricultural laws : कृषि कानून वापसी के बाद धरना स्थल पर पहले से कम हुई किसानों की संख्या, ये मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा तीन कृषि कानूनों ( three new agricultural laws) को निरस्त करने की घोषणा के एक दिन बाद शनिवार को प्रदर्शन स्थल पर किसानों की संख्या में कमी देखने को मिली है।

Repeal Agricultural laws : कृषि कानून वापसी के बाद धरना स्थल पर पहले से कम हुई किसानों की संख्या, ये मांग पूरी न होने तक जारी रहेगा प्रदर्शन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) द्वारा तीन कृषि कानूनों ( three new agricultural laws) को निरस्त करने की घोषणा के एक दिन बाद शनिवार को प्रदर्शन स्थल पर किसानों की संख्या में कमी देखने को मिली है। हालांकि किसान अभी भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

एमएसपी (MSP) के अलावा किसान तीन कृषि कानूनों (three new agricultural laws) का विरोध करते हुए मारे गए 700 किसानों के परिवारों की आजीविका के लिए एक संकल्प की भी मांग कर रहे हैं। मेरठ भारतीय किसान संघ मंडल के अध्यक्ष पवन खटाना (Pawan Khatana) ने बताया "हम मोदी जी द्वारा कल लिए गए निर्णय का स्वागत करते हैं, लेकिन किसान अभी भी संतुष्ट नहीं हैं।

पिछले 70 वर्षों से हमारी लड़ाई किसानों को उनकी फसलों के लिए उचित मूल्य, उनकी फसलों पर गारंटीकृत एमएसपी के लिए थी। यह एक बड़ा मुद्दा है। जिसपर माननीय प्रधानमंत्री ने कुछ नहीं बोल, किसानों की फसल लूटी जा रही है। हम पिछले 1 साल से यहां बैठे हैं और किसान अभी भी 1000-1200 रुपये में धान बेचने के लिए मजबूर हैं।

उन्होंने कहा प्रधानमंत्री को एक और कदम आगे बढ़ाना पड़ेग। उन्हों सवाल करते हुए कहा "क्या हमें फिर से एमएसपी पर विरोध प्रदर्शन करना है? क्या हमें फिर से सीमाओं पर आना है? तो हम अभी भी यही पर बैठेंगे रहेंगे। उन्होंने कहा अगर प्रधानमंत्री किसानों के पक्ष में एमएसपी पर कानून बनाते है तो हम उनको धन्यवाद देंगे और प्रदशन ख़त्म कर अपने घर चले जाएंगे।

उन्हें एक समिति बनानी चाहिए ताकि इस तरह का विरोध कभी न हो। सभी किसान और संयुक्त किसान मोर्चा (United Kisan Morcha) के लोग समिति के साथ बातचीत करेंगे। आंदोलन में किसानो की मृत्यु का जिक्र करते हुए कहा किसान आंदोलन के दौरान जिन 750 किसानों की मृत्यु हुई, उनके परिवार अब कैसे जीवित रहेंगे, यह एक बड़ा मुद्दा है और आंदोलन के दौरान हमारे खिलाफ मामले दर्ज हुए इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा और इसे कैसे लिया जाएगा।

यह भी एक बड़ा मुद्दा है। उन्होंने आगे कहा गेहूं उगाया जा रहा है, धान की कटाई की जा रही है और गन्ना लगाया जा रहा है। फिर भी किसान विरोध प्रदर्शन (farmer protests) में भाग ले रहे हैं क्योंकि हमारी आजीविका के लिए काम करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गढ़वाल किसान यूनियन (Garhwal Kisan Union) अध्यक्ष ने कहा 2014 से प्रधानमंत्री ने कई चीजों का वादा किया है, उनमें से कितनी पूरी हुई हैं? उन्होंने देश को अडानी (Adani), अंबानी (Ambani) को बेच दिया है। किसान देश भर में पंचायत कर रहे हैं। किसानों को भी अपना काम करने की जरूरत है। हमें अपनी सेवा करने की जरूरत है।

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