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रिटायर्ड कर्नल और उसके बेटे ने इंजीनियर को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, साथ ही पढ़ें नोएडा की टॉप न्यूज

घटना नोएडा के सेक्टर 134 स्थित जेपी कॉसमॉस सोसाइटी की है। जहां 18 जून की रात को सॉफ्टेवयर इंजीनियर आशीष तंवर के साथ पिता-बेटे ने मारपीट की। इस मामले में नोएडा पुलिस ने इंजीनियर की शिकायत पर पिता-बेटे के खिलाफ शनिवार को केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, पिता-बेटे दोनों ही अभी फरार हैं।

रिटायर्ड कर्नल और बेटे ने इंजीनियर को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, साथ ही पढ़ें नोएडा की टॉप न्यूज
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रिटायर्ड कर्नल और बेटे ने इंजीनियर को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा

Noida Crime नोएडा की एक सोसायटी में रहने वाले सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) के साथ मारपीट करने के आरोप में पुलिस (Noida Police) ने रिटायर्ड कर्नल और उनके बेटे (Retired Colonel And Son) के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों ने इंजीनियर को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया है, लेकिन दोनों घटना के बाद से फरार हैं। घटना नोएडा के सेक्टर 134 स्थित जेपी कॉसमॉस सोसाइटी की है। जहां 18 जून की रात को सॉफ्टेवयर इंजीनियर आशीष तंवर के साथ पिता-बेटे ने मारपीट की। इस मामले में नोएडा पुलिस ने इंजीनियर की शिकायत पर पिता-बेटे के खिलाफ शनिवार को केस दर्ज कर लिया है। हालांकि, पिता-बेटे दोनों ही अभी फरार हैं।

पुलिस के साथ मुठभेड़ में इनामी बदमाश घायल

नोएडा में थाना बीटा- दो क्षेत्र के डाढा गोल चक्कर के पास रविवार देर रात को बदमाशों और पुलिस के बीच मुठभेड़ में एक इनामी बदमाश घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल मे भर्ती कराया गया है। उस पर पूर्व में हत्या, लूटपाट, हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। अपर उपायुक्त ने बताया कि बदमाश से गहनता से पूछताछ की जा रही है। उसने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कई गंभीर वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। उन्होंने बताया कि बदमाश पर जनपद गौतम बुद्ध नगर पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। यह थाना दादरी से हत्या के प्रयास के एक मामले में वांछित था। पुलिस ने उसके पास से एक मोटरसाइकिल, देसी तमंचा, कारतूस आदि बरामद किया है।

गौतमबुद्ध नगर में कोरोना वायरस के दस नए मरीज मिले

जनपद गौतमबुद्ध नगर में रविवार को कोविड-19 से संक्रमित 10 मरीज मिले हैं, जबकि सात मरीजों को ठीक होने के बाद अस्पतालों से छुट्टी दी गई। जिले में कोविड-19 संक्रमण की वजह से अब तक 466 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला निगरानी अधिकारी डॉक्टर सुनील दोहरे ने बताया कि रविवार को कोरोना वायरस से 10 मरीज संक्रमित पाए गए। उन्होंने बताया कि यहां के विभिन्न अस्पतालों व गृह पृथक-वासों में 137 मरीजों का उपचार चल रहा है। जिला निगरानी अधिकारी ने बताया कि अब तक जनपद में 62,382 मरीज कोविड-19 से ठीक होकर अपने घरों को जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिले में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की अब तक कुल संख्या 63,032 है। दोहरे ने बताया कि विगत कुछ दिनों में कोरोना वायरस के संक्रमण में कमी आई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सामाजिक दूरी का पालन करें, मास्क लगाएं तथा साफ- सफाई का ध्यान रखें और जरूरत होने पर ही घर से बाहर निकलें।

उमेद पहलवान बुजुर्ग के साथ मारपीट की घटना को देना चाहते थे सांप्रदायिक रंग

बुजुर्ग के साथ मारपीट की घटना को उमेद पहलवान ने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को साधने के लिए इस्तेमाल किया। वह लोगों की भावनाएं भड़काकर न केवल पार्टी में वर्चस्व हासिल करना चाहता था, बल्कि इसके जरिए आगामी चुनाव का सफर तय करना चाहता था। यह खुलासा पुलिस की पूछताछ में उमेद ने किया है। क्राइम ब्रांच को उमेद ने बताया कि बुजुर्ग की दाढ़ी मारपीट की घटना के अगले दिन काटी गई। इसको वह और उसके साथियों ने मामले को सांप्रदायिक रंग देने के लिए किया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उमेद पहलवान ने शुरू में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। पहले वह बता रहा था कि उसे बुजुर्ग ने जितना बताया, उसी को फेसबुक लाइव में कहा था। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती की तो आरोपी ने पूरी वारदात कबूल कर ली। उमेद ने बताया कि बुजुर्ग के साथ हुई मारपीट को उसने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की।

बिल्डर ने 3.84 करोड़ की स्टांप चोरी कर बिना रजिस्ट्री कराए बेचे 150 फ्लैट

गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में एक बिल्डर ने 3.84 करोड़ की स्टांप चोरी कर बिना रजिस्ट्री कराए 150 फ्लैट बेच दिए। रजिस्ट्री कराए बिना सिर्फ अनुबंध के आधार पर आवंटियों को फ्लैट पर कब्जा दे दिया गया। राजनगर एक्सटेंशन के अलावा इंदिरापुरम और एनएच-9 से सटी कई कॉलोनियों में बिल्डरों का यह खेल चल रहा है। राजनगर एक्सटेंशन में लोगों ने बिल्डर के ऐसे ही खेल की पोल खोल दी। प्रशासन ने बिल्डर को नोटिस देकर जवाब मांगा है। दरअसल, हाउसिंग प्रोजेक्ट का समय बीत जाने के बाद भी अधिकांश बिल्डर इन प्रोजेक्ट को पूरा नहीं कर पाए हैं। ऐसे में उन्हें जीडीए से पूर्णता प्रमाण पत्र (कंप्लीशन सर्टिफिकेट) नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में आवंटियों को आधे-अधूरे फ्लैटों पर कब्जा दिया जा रहा है।

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