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कॉलेजों में फंड का किया जा रहा है दुरुपयोग: मनीष सिसोदिया

कॉलेजों में फुली फंक्शनल गवर्निंग बॉडी बनाने की प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। कुछ अध्यापकों और स्टाफ न मुझे बताया कि किस तरह से फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। सैलरी न देकर उसे दूसरी जगह खर्च किया जा रहा है।

कॉलेजों में फंड का किया जा रहा है दुरुपयोग: मनीष सिसोदिया
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मनीष सिसोदिया

दिल्ली यूनिवर्सिटी में 8 अध्यापकों ने वेतन न मिलने के कारण दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। इस मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली युनिवर्सिटी के 12 कॉलेजों को दिल्ली सरकार फंड देती है। पिछले कुछ महीनों से दिल्ली युनिवर्सिटी के इन कॉलेजों में से कुछ में टीचरों की सैलरी का मुद्दा उठा हुआ है। जब मैंने सैलरी ग्रांट को स्टडी किया तो पाया कि हर साल सैलरी ग्रांट में इज़ाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि कॉलेजों में फुली फंक्शनल गवर्निंग बॉडी बनाने की प्रक्रिया को लटकाया जा रहा है। कुछ अध्यापकों और स्टाफ न मुझे बताया कि किस तरह से फंड का दुरुपयोग किया जा रहा है। सैलरी न देकर उसे दूसरी जगह खर्च किया जा रहा है।

आपकों बता दें कि दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुछ टीचर्स को चार महीने से वेतन नहीं मिला जिस वजह से उनको घर चलाना बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में उन टीचर्स ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपील की है कि वह कॉलेजों को बीते चार महीने का उनका वेतन देने का निर्देश दे। ये कॉलेज विश्वविद्यालय से संबद्ध और पूरी तरह से दिल्ली सरकार द्वारा वित्तपोषित हैं। याचिका पर 17 सितंबर को सुनवाई हो सकती है। इसमें कहा गया है कि इन शिक्षकों के अलावा अन्य शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को भी मई, जून, जुलाई और अगस्त का वेतन नहीं मिला है।

12 कॉलेजों के 1,500 कर्मचारियों के वेतन नहीं मिले आठ शिक्षकों ने दायर याचिका में कहा है कि वे दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के सदस्य हैं। उन्होंने परेशान कर्मचारियों की ओर से दिल्ली सरकार को पत्र लिखा है कि वह उसके द्वारा वित्तपोषित डीयू के 12 कॉलेजों के 1,500 कर्मचारियों के वेतन के भुगतान के लिये फंड जारी करे। याचिका में कहा गया है कि शिक्षकों के वेतन का भुगतान नहीं होने के चलते वे और 12 कॉलेजों में कार्यरत अन्य कर्मचारी मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। साथ ही इसमें कहा गया है कि अधिकारियों ने उन्हें समय पर उनके वेतन का भुगतान नहीं होने का कारण नहीं बताया है।

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