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दोस्तों ने दोस्त को मारकर मस्जिद की छत पर ईंटों और बदरपुर से ढका, लेना चाहते थे फिरौती गिरफ्तार

नई दिल्ली के खजूरी खास थाना इलाके में दो दोस्तों ने अपने एक दोस्त फरहान की हत्या करने के बाद उसके शव को मस्जिद की छत पर ईंट और बदरपुर से ढ़क दिया। पुलिस ने मामले की गुत्थी को सुलझते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी नाबालिग है।

दोस्तों ने दोस्त को मारकर मस्जिद की छत पर ईंटों और बदरपुर से ढका, लेना चाहते थे फिरौती, गिरफ्तार
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 गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो)

नई दिल्ली के खजूरी खास थाना इलाके में दो दोस्तों ने अपने एक दोस्त फरहान की हत्या करने के बाद उसके शव को मस्जिद की छत पर ईंट और बदरपुर से ढ़क दिया। पुलिस ने मामले की गुत्थी को सुलझते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपी नाबालिग है। नाबालिगों की उम्र 12 व 17 साल है।

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि हत्या करने के बाद वह फरहान के परिवार से फिरौती मांगने की योजना में थे। उन्हें लगता था कि फरहान के पिता के पास बहुत सारे रुपये है। पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक फरहान श्रीराम कॉलोनी के गली नंबर-11 में सपरिवार रहता था। परिवार में पिता शमीम और मां फरजाना एवं बड़ा भाई और तीन बहनें हैं। शमीम की घर में ही जूते बनाने की फैक्ट्री है। फरहान इलाके के एक स्कूल में पांचवी कक्षा का छात्र था।

इसके अलावा वह घर के पास ही मदीना मस्जिद में कुरआन के हाफ्जे की पढ़ाई कर रहा था। फरहान के पिता शमीम ने बताया कि वह अपने दोनों बेटे फरहान और अरसलान के साथ बृहस्पतिवार शाम को मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए गया था।

नमाज पढ़ने के बाद वह घर लौट आया और उससे बच्चे मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए रूक गए। शमीम के घर पहुंचने के काफी देर बाद उसके पास मस्जिद से फोन आया कि फरहान मस्जिद में नहीं है जबकि सब बच्चे मस्जिद में पढ़ाई कर रहे हैं।

मस्जिद से फोन आने के बाद परिजन फरहान को तलाशने लगे। मगर परिवार को उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने फरहान की गुमशुदगी की शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर मस्जिद के मौलवी को हिरासत और मस्जिद में कुरआन पढ़ने वाले कुछ बच्चों से पूछताछ की। इसके बाद पुलिस ने दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया।

परिवार को गुमराह करते रहे दोनों नाबालिगों

पूछताछ करने पर दोनों नाबालिगों ने परिवार को बताया कि फरहान उनके साथ मोमोज खाने गया था। इसके बाद वह वहीं से कही चला गया। परिजनों ने मस्जिद के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज खंगालने पर उन्हें दोनों आरोपी दिखाई दिये लेकिन फरहान फुटेज में नहीं दिखा। सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गए और उन्होंने अपना गुनाह को कुबूल कर लिया।

सीआईडी सीरियल देखकर रची साजिश

पूछताछ के दौरान दोनों नाबालिगों ने बताया कि उन्होंने सीआइडी सीरियल देखकर फरहान की हत्या की योजना बनाई थी। करीब 10 दिन पहले भी उन्होंने फरहान को मस्जिद में नींद की गोलियां खिलाई थीं लेकिन गोलियों का असर फरहान पर हुआ नहीं था। उस दिन वह अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सके। बृहस्पतिवार को उन्होंने फरहान की हत्या कर दी।

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