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Farmer Protest : दिल्ली के सिंघु बार्डर से आई अच्छी खबर, एक साल से चल रहे धरना प्रदर्शन हो सकता है खत्म

केंद्र की मोदी सरकार (Modi government) ने संसद के विंटर सेशन के पहले ही दिन दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों (agricultural laws) को निरस्त करने के लिए 'कृषि कानून निरस्तीकरण विधेयक, 2021' पारित कर दिया।

Farmer Protest : दिल्ली के सिंघु बार्डर से आई अच्छी खबर, एक साल से चल रहे धरना प्रदर्शन हो सकता है खत्म
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केंद्र की मोदी सरकार (Modi government) ने संसद के विंटर सेशन के पहले ही दिन दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में तीनों केंद्रीय कृषि कानूनों (agricultural laws) को निरस्त करने के लिए 'कृषि कानून निरस्तीकरण विधेयक, 2021' पारित कर दिया। इसके बाद एक साल से दिल्ली की चारों सीमाओं पर डेरा डाले हजारों आंदोलनकारी किसान (farmers movement) असमंजस में हैं, क्योंकि आम जनता भी चाहती है कि आंदोलन खत्म हो।

हालांकि सरकार द्बारा तीनों कृषि कानूनों के निरस्त होने के बावजूद भी गाजीपुर, सिंघू, शाहजहांपुर और टिकरी बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन जारी है। इसी बीच दिल्ली-हरियाणा के सिंघू बॉर्डर से एक बड़ी खबर सामने आई है। वह से संकेत मिले है कि दिल्ली की सीमाओं पर एक साल से अधिक समय से चल रहे किसान आंदोलन समाप्त हो सकता है।

केंद्र सरकार जिस तरह से तीनों कृषि कानूनों (all three agricultural laws) को वापस लेने के लिए संसद के दोनों सदनों में प्रस्ताव पारित कराया, अब आंदोलनकारी भी अपने घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

इसके संकेत भी दिखने लगे हैं। टिकरी सीमा पर लगे तंबू को आंदोलनकारियों ने सोमवार को हटा दिए और अब वे संयुक्त किसान मोर्चा (United Kisan Morcha) के लौटने की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। वही बॉर्डर पर पंजाब के 32 जत्थेबंदियों की बैठक में तय हुआ कि अब संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक 4 दिसंबर को नहीं बल्कि 1 दिसंबर को होगी।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक टिकरी बॉर्डर (tikri border) पर पंजाब के नेता अब दबी जुबान में कह रहे हैं कि जब वे पंजाब से चले थे तो उनकी एमएसपी (MSP) की कोई मांग नहीं थी। दिल्ली की सीमा पर आने के बाद इस मांग को जोड़ा गया है। उस पर भी सरकार ने एक कमेटी बनाने का ऐलान किया है।

यह स्पष्ट है कि सरकार ने इस मुद्दे से इनकार नहीं किया है। पंजाब के किसान नेता परगट सिंह ने कहा कि अब वह जल्द ही घर लौटेंगे। सरकार ने जिस तरह से कानून को वापस लेने का प्रस्ताव पारित किया है, स्वतंत्र भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। हम सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं। पंजाब (punjab) के एक और किसान नेता अमरीक सिंह (farmer leader Amrik Singh) ने कहा कि हम जो संकल्प लेकर आए थे, वह पूरा हो गया है। जल्द ही हम घर लौट आएंगे।

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