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Farmers Protest: जंतर-मंतर पर 'किसान संसद' का आज आखिरी दिन, सरकार के खिलाफ 'अविश्वास प्रस्ताव' पारित, जानें आगे का प्लान

Farmers Protest: भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसान संगठन भाजपा नीत सरकार के इस्तीफे की मांग करते हुए अपनी 'किसान संसद' में सरकार के खिलाफ एक 'अविश्वास प्रस्ताव' पारित करेंगे। इस सरकार पर किसानों सहित लोगों का अब और विश्वास नहीं रह गया है तथा इसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

Farmers Protest: जंतर-मंतर पर
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जंतर-मंतर पर 'किसान संसद' का आज आखिरी दिन

Farmers Protest दिल्ली में नए कृषि कानूनों (Farm Laws) को लेकर जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर किसानों का 18 दिनों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। जहां एक ओर देश के संसद में मानसून सत्र चल रही है वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शनकारियों ने किसान संसद (Kisan Sansad) के माध्यम से अपनी मांगों को उठा रहे हैं। लेकिन इस बीच खबर आई है कि राजधानी के जंतर-मंतर पर किसानों का आंदोलन केंद्र (Central Government) के खिलाफ एक अविश्वास प्रस्ताव पारित करने के बाद आज खत्म हो जाएगा और इसे बढ़ाने के लिए पुलिस से कोई अनुमति नहीं मांगी गई है। इसकी जानकारी भारतीय किसान यूनियन (BKU) ने दी।

दिल्ली के बॉर्डरों पर जारी रहेगा आंदोलन

दिल्ली के बॉर्डरों पर नए कृषि कानूनों के खिलाफ नौ महीने से किसान आंदोलन चल रहा है और ये ऐसे ही जारी रहेगा। किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा जंतर-मंतर पर आहूत 'किसान संसद' में तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द नहीं करने को लेकर केंद्र सरकार के इस्तीफे की भी मांग की जाएगी। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसान संगठन भाजपा नीत सरकार के इस्तीफे की मांग करते हुए अपनी 'किसान संसद' में सरकार के खिलाफ एक 'अविश्वास प्रस्ताव' पारित करेंगे। इस सरकार पर किसानों सहित लोगों का अब और विश्वास नहीं रह गया है तथा इसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

दिल्ली पुलिस ने दी अहम जानकारी

दिल्ली पुलिस ने किसानों को जंतर-मंतर पर 22 जुलाई से 9 अगस्त तक अधिकतम 200 लोगों के साथ प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यहां जंतर-मंतर पर आज किसानों के प्रदर्शन का अंतिम दिन है। अनुमति के अनुसार, उन्होंने इन सभी दिनों में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया और वे आज (सोमवार) शाम अपने प्रदर्शन के बाद जंतर-मंतर से चले जाएंगे। मलिक ने 1942 में हुए भारत छोड़ो आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वर्षों पहले, आज (नौ अगस्त) के दिन भारतीयों ने अंग्रेजों से भारत छोड़ने को कहा था, आज हम भाजपा से सत्ता छोड़ने को कह रहे हैं।

पांच सितंबर को महापंचायत से आगे की रणनीति होगी तैयार

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार यह गलतफहमी छोड़ दे कि किसान थक कर घर वापस चले जाएंगे। महापंचायत में जेवर के अलावा बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा सहित कई जिलों के लोग भी पहुंचे थे। उन्होंने किसानों से पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में होने वाली महापंचायत में अधिकतर संख्या में भाग लेने को कहा है। टिकैत ने कहा कि सरकार केवल इसे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों का आंदोलन बता रही है, लेकिन इसमें 500 से ज्यादा किसान संगठन जुड़े हुए हैं।

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