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Farmers Protest: रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग और मिया खलिफा के समर्थन पर राकेश टिकैत का बड़ा बयान

Farmers Protest: केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बताया कि किसानों की मांग थी एमएसपी लिखित में और एपीएमसी मंडियां बंद नहीं होनी चाहिए सरकार उसके लिए तैयार हो गई। कॉन्ट्रैक्ट खेती में एसडीएम को अपील का अधिकार नहीं होना चाहिए सिविल न्यायालय को होना चाहिए सरकार उसके लिए तैयार हो गई। फिर किसानों को भ्रमित किया जाता है।

Farmers Protest: विदेशी कलाकार रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग, मिया खलिफा के समर्थन पर बोले राकेश टिकैत- मैं उन्हें नहीं जानता
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राकेश टिकैत

Farmers Protest किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा कि सरकार पहले की तरह कमेटी (संयुक्त किसान मोर्चा) से बात कर ले। लेकिन वे (सरकार) बात नहीं कर रहे क्योंकि वे इस आंदोलन को लंबा चलाना चाहते हैं। हम बातचीत के लिए कहते रहेंगे कि बात करो। उन्होंने विदेशी कलाकारों रिहाना, ग्रेटा थनबर्ग, मिया खलिफा द्वारा किसान आंदोलन के समर्थन पर कहा कि मुझे क्या पता, समर्थन किया होगा, मैं क्या उन्हें जानता हूं। उधर, केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने बताया कि किसानों की मांग थी एमएसपी लिखित में और एपीएमसी मंडियां बंद नहीं होनी चाहिए सरकार उसके लिए तैयार हो गई। कॉन्ट्रैक्ट खेती में एसडीएम को अपील का अधिकार नहीं होना चाहिए सिविल न्यायालय को होना चाहिए सरकार उसके लिए तैयार हो गई। फिर किसानों को भ्रमित किया जाता है।

मनदीप पुनिया ने रिहाई के बाद कही ये बड़ी बात

इसी बीच, सिंघू बॉर्डर (Singhu Border) पर दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र पत्रकार मनदीप पुनिया (Mandeep Puniya) ने रिहा होने के बाद कहा है कि उन्होंने तिहाड़ जेल में किसानों से बात कर बातचीत के अंश अपनी टांगों पर लिखे, जिसके बारे में वह अपनी खबर में विस्तार से लिखेंगे। पुनिया को अदालत से जमानत मिलने के बाद बुधवार को जेल से रिहा किया गया था। उन्होंने कहा कि जेल के अंदर रहना मेरे लिए एक अवसर बनकर आया है। मुझे जेल में बंद किसानों से बात करने का मौका मिला और मैंने उनसे हुई बातचीत के अंश अपनी टांगों पर लिख लिए। मैं अपनी खबर में इस बारे में विस्तार से लिखूंगा।

गाजीपुर बॉर्डर पर कीलें उखाड़ने की वीडियो वायरल

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के आवागमन को रोकने के मद्देनजर गाजीपुर सीमा पर सड़कों पर लगायी गयी कीलों का स्थान परिवर्तित किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि गाजीपुर सीमा के पास से कीलों को निकालते कर्मचारियों के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। उन्होंने कहा कि सीमा पर सुरक्षा के इंतजाम वही रहेंगे। ऐसे फोटो और वीडियो सार्वजनिक हो रहे हैं, जिसमें दिख रहा है कि गाजीपुर में कीलें निकाली जा रही हैं। लेकिन इनका स्थान बदला जा रहा है और सीमा पर सुरक्षा इंतजाम यथावत रहेंगे।

सांसदों को प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिलने गाजीपुर जाने से रोका गया

केन्द्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों से मुलाकात करने जा रहे दस विपक्षी दलों के 15 सांसदों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गाजीपुर बॉर्डर पर जाने से रोका दिया। प्रदर्शनकारी किसानों से मिलने जा रहे 15 सांसदों के समूह में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) , द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य दलों के सांसद शामिल थे।

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