Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Farmers Protest: 'चक्का जाम' के बाद दिल्ली के बॉर्डरों पर बढ़ी किसानों की भीड़, राकेश टिकैत ने 'ट्रैक्टर क्रांति' को लेकर किया बड़ा ऐलान

Farmers Protest: भारतीय किसान यूनियन के नेता टिकैत (51) ने कहा कि जो ट्रैक्टर खेतों में चलते हैं, वे अब दिल्ली में एनजीटी के दफ्तर में भी चलेंगे। हाल तक, वे नहीं पूछते थे कि कौन सा वाहन 10 साल पुराना है। उनकी आखिर योजना क्या है? 10 साल से अधिक पुराने ट्रैक्टरों को हटाना और कॉरपोरेट की मदद करना?

Farmers Protest: चक्का जाम के बाद दिल्ली के बॉर्डरों पर बढ़ी किसानों की भीड़, राकेश टिकैत ने ट्रैक्टर क्रांति को लेकर किया बड़ा ऐलान
X

Farmers Protest नये कृषि कानूनों को लेकर केंद्र के खिलाफ किसानों का विरोध-प्रदर्शन जारी है। किसान का आंदोलन 74 दिनों से दिल्ली के बॉर्डरों (Delhi Border) पर चल रहा है। जिससे देखते हुये दिल्ली की सीमाओं पर भारी सुरक्षाबल तैनात (Heavy Security) किये गये है। बीते दिने किसानों का देशभर में चक्का जाम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पूर्ण रहा। कहीं से भी कोई भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई। हालांकि केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों के 'चक्का जाम' (Chakka Jam) के आह्वान के समर्थन में प्रदर्शन करने को लेकर शनिवार को दिल्ली के शहीदी पार्क (Shaheedi Park) के पास 60 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने कहा कि प्रदर्शनकारी विभिन्न संगठनों से थे।

हम सरकार से बातचीत करना चाहते हैं: टिकैत

इसी बीच, किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि चक्का जाम ठीक रहा। हमारा संदेश पहुंचा। जनता को परेशानी भी न आए और हमारी बात भी पहुंच जाए। हम सरकार से बातचीत करना चाहते हैं। मैं भी 40 लोगों की कमेटी में एक सदस्य हूं। जैसे पहले बातचीत होती थी, वैसे ही बातचीत हो। वहीं, किसान नेता राकैश टिकैत ने देशभर के किसानों से 'ट्रैक्टर क्रांति' में शामिल होने का आह्वान किया। गाजीपुर प्रदर्शनस्थल पर टिकैत ने समर्थकों को संबोधित करने के दौरान किसान समुदाय से संपर्क साधने की कोशिश की, जिनमें से अधिकतर, खासकर दिल्ली-एनसीआर, के किसान 10 साल से अधिक पुराने ट्रैक्टर समेत डीज़ल से चलने वाली गाड़ियों पर प्रतिबंध के राष्ट्रीय हरित अधिकरण के फैसले से खफा हैं।

'जो ट्रैक्टर खेतों में चलते हैं, वे एनजीटी के दफ्तर में भी चलेंगे'

भारतीय किसान यूनियन के नेता टिकैत (51) ने कहा कि जो ट्रैक्टर खेतों में चलते हैं, वे अब दिल्ली में एनजीटी के दफ्तर में भी चलेंगे। हाल तक, वे नहीं पूछते थे कि कौन सा वाहन 10 साल पुराना है। उनकी आखिर योजना क्या है? 10 साल से अधिक पुराने ट्रैक्टरों को हटाना और कॉरपोरेट की मदद करना? लेकिन 10 साल से अधिक पुराने ट्रैक्टर चलेंगे और (केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ) आंदोलन भी मजबूत करेंगे।

राकेश टिकैत ने कहा- ट्रैक्टर क्रांति 2021, 26 जनवरी लिखिए

उन्होंने कहा कि विवादास्पद कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर चल रहे किसानों के आंदोलन में देश भर के अधिक से अधिक किसान भाग लेंगे। हाल ही में दिल्ली में 20,000 ट्रैक्टर थे, अगला लक्ष्य इस संख्या को 40 लाख करना है। उन्होंने ट्रैक्टर मालिकों से अपने वाहनों को 'ट्रैक्टर क्रांति' से जोड़ने का आह्वान किया। टिकैत ने कहा कि अपने ट्रैक्टर पर 'ट्रैक्टर क्रांति 2021, 26 जनवरी ' लिखिए। आप जहां भी जाएंगे, आपका सम्मान किया जाएगा।

Next Story