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Farmers Protest: 'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह की याद में किसानों ने किया मैराथन का आयोजन, राकेश टिकैत ने भी लगाई दौड़

Farmers Protest: किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने बताया कि मिल्खा सिंह बड़े खिलाड़ी थे इसलिए उनके याद में आज हम दौड़ लगा रहे हैं। इस दौड़ से उनके परिवार को एक मैसेज जाएगा कि आज भी उन्हें याद किया जाता है।

Farmers Protest: फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह की याद में किसानों ने किया मैराथन का आयोजन, राकेश टिकैत ने भी लगाई दौर
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'फ्लाइंग सिख' मिल्खा सिंह की याद में किसानों ने किया मैराथन का आयोजन

Farmers Protest नए कृषि (Farm Laws) कानूनों के विरोध में केंद्र सरकार (Central Government) के खिलाफ किसानों का आंदोलन 7 महीनों से जारी है। इस भीषण गर्मी में भी दिल्ली के बॉर्डरों (Delhi Border) पर अभी भी किसान प्रदर्शन कर रहे है। वहीं केंद्र और किसानों में गतिरोध विराजमान है। कोई भी पक्ष पीछे हटने को राजी नहीं है। जबकि दिल्ली के बॉर्डर पर ही किसानों द्वारा कई प्रोग्राम या कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसलिए आज फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह (Flying Sikh Milkha Singh) की याद में किसानों ने मैराथन (Marathon) का आयोजन किया। ये आयोजन दिल्ली और गाजियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर (Ghazipur) पर किया गया।


इस दौरान किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने बताया कि मिल्खा सिंह बड़े खिलाड़ी थे इसलिए उनके याद में आज हम दौड़ लगा रहे हैं। इस दौड़ से उनके परिवार को एक मैसेज जाएगा कि आज भी उन्हें याद किया जाता है। आपको बता दें कि भारत के महान धावक फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह का कोरोना से 91 साल की उम्र में निधन हो गया है। जिस पर प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर शोक जताया था।


वहीं, इससे पहले, किसान नेताओं ने कहा कि बढ़ती गर्मी जरूरी चुनौतियां पेश कर रही है, लेकिन कोई भी बाधा उनकी लड़ाई को खत्म नहीं कर सकती और वे कूलर, एसी जैसी आवश्यक चीजें साथ रखे हुए हैं तथा ठंडे पानी का भी इंतजाम कर रखा है। पिछले कुछ दिनों से दिल्ली भीषण गर्मी का सामना कर रही है, हालांकि शाम में कुछ इलाकों में बूंदाबांदी से थोड़ी राहत मिली है। लखबीर सिंह ने कहा कि सिंघू में अभी बारिश नहीं हुई है, लेकिन हमें उम्मीद है कि वर्षा होगी। हम किसान हैं और जैसे हम अपने खेतों में बारिश का स्वागत करते हैं हम यहां भी बारिश का स्वागत करेंगे। हमने जाड़े में बारिश के बीच विरोध प्रदर्शन किया और अब हम मानसून के दौरान भी अपना आंदोलन जारी रखने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हैं।

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