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बीमा राशि का भुगतान न करने पर परिवार ने हाईकोर्ट का किया रुख, दिल्ली सरकार और इरडा से मांगा जवाब, 12 दिसंबर को अगली सुनवाई

याचिकाकर्ताओं ने बीमा कंपनी और अस्पताल से 25 लाख रुपये का मुआवजा भी मांगा है। परिवार ने बीमा कंपनी को अस्पताल का बिल भरने का निर्देश देने या एक विकल्प के तौर पर अस्पताल से उनका पैसा लौटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।

बीमा राशि का भुगतान न करने पर परिवार ने हाईकोर्ट का किया रुख, दिल्ली सरकार और इरडा से मांगा जवाब, 12 दिसंबर को अगली सुनवाई
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बीमा राशि का भुगतान न करने पर परिवार ने हाईकोर्ट का किया रुख

दिल्ली में कोरोना महामारी (Corona Pandemic) से कई घरों के चिराग बुझ गए तो कई घर बर्बाद हो गए। जो थोड़ी बहुत जिंदगी बाकी रह गई है तो मेडिकल क्लेम लेने में निकल रही है। आज ऐसे ही एक मामले में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) में सुनवाई के बाद केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) और इरदा (IRDAI) से जवाब तलब किया गया है। एक परिवार में पति की कोरोना संक्रमण से मौत होने पर महिला और उसके दो नाबालिग बच्चों ने पूरी बीमा राशि के भुगतान (Insurance Amount) के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसके बाद उनकी याचिका पर दिल्ली सरकार तथा इरडा नोटिस जारी किया गया। हाईकोर्ट के जज ने दिल्ली सरकार, बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा), नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल को नोटिस जारी किया है।

अदालत ने प्राधिकरणों से चार हफ्तों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा और मामले पर अगली सुनवाई के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की। याचिकाकर्ताओं ने बीमा कंपनी और अस्पताल से 25 लाख रुपये का मुआवजा भी मांगा है। परिवार ने बीमा कंपनी को अस्पताल का बिल भरने का निर्देश देने या एक विकल्प के तौर पर अस्पताल से उनका पैसा लौटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया है। याचिका में दावा किया गया है कि अस्पताल ने इलाज का 5.33 लाख रुपये का बिल बनाया जिसे महिला को देना पड़ा क्योंकि बीमा कंपनी ने अस्पताल का खर्च देने से इनकार कर दिया। अस्पताल ने बाद में 1.95 लाख रुपये इस आधार पर लौटा दिए कि ये अतिरिक्त राशि थी।

इसमें कहा गया है कि बाद में बीमा कंपनी के केवल 1.31 लाख रुपये देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा तय की गयी दरों के अनुसार कुल बिल 1.44 लाख रुपये होना चाहिए था। आपको बता दें कि याचिका में कहा गया है कि उनके पति ने बीमा कंपनी की एक मेडिक्लेम पॉलिसी ली थी और इसमें बीमा राशि पांच लाख रुपये थी। महिला के पति गुलशन कुमार गोयल जून 2020 के अंतिम हफ्ते में कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए थे और उन्हें 30 जून को शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था तथा सात जुलाई, 2020 को उनकी मौत हो गयी थी।

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