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Fake Call Centers: दिल्ली में दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, ब्रिटेन के लोगों से ठगी करने वाले 30 लोग गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले लोग विदेशी नागरिकों को वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के जरिए कॉल कर कहते थे कि कर की कथित चोरी के कारण उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर लिए गए हैं। जब पीड़ित लोग उनसे इन मामलों से बचने के तरीकों के बारे में पूछते थे तो ये लोग उन्हें ब्रिटेन स्थित खातों में धन राशि जमा कराने के लिए कहते थे।

Fake Call Centers: दिल्ली में दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, ब्रिटेन के लोगों से ठगी करने वाले 30 लोग गिरफ्तार
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दिल्ली में दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़

Fake Call Centers दिल्ली में दो फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ (Busted) हुआ है। इन कॉल सेंटरों में ब्रिटेन के लोगों से ठगी की जा रही थी। यहां से दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने 30 ऐसे लोगों को गिरफ्तार (Arrested) किया है। जो खुद को कथित तौर पर राजस्व और सीमा शुल्क अधिकारी बताकर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटरों से एक एसयूवी कार, चेक बुक, डेबिट कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के साथ 10 से अधिक लैपटॉप, 46 मोबाइल फोन और 17,50,000 रुपये नकद जब्त किए हैं।

आरोपियों ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने अपराध से मिली धन राशि से कई शानदार कारें, बाइक, महंगे मोबाइल फोन, दिल्ली और आस-पास के इलाकों में संपत्तियां भी खरीदी थीं। पुलिस के मुताबिक फर्जी कॉल सेंटर चलाने वाले लोग विदेशी नागरिकों को वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (वीओआईपी) के जरिए कॉल कर कहते थे कि कर की कथित चोरी के कारण उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर लिए गए हैं। जब पीड़ित लोग उनसे इन मामलों से बचने के तरीकों के बारे में पूछते थे तो ये लोग उन्हें ब्रिटेन स्थित खातों में धन राशि जमा कराने के लिए कहते थे।

इन कॉल सेंटरों का संचालन परविंदर सिंह नाम का एक शख्स अपने तीन साथियों परमजीत सिंह, गगनदीप सिंह और मंथन अरोड़ा के साथ मिलकर करता था। इन सभी को छह अन्य महिलाओं के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। बाहरी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन सिंह ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर 18 जून को रोहिणी में छापेमारी कर एक फर्जी कॉल सेंटर से 30 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान परविंदर और उसके सहयोगियों ने रोहिणी में ही एक अन्य कॉल सेंटर के बारे में बताया। परविंदर ने बताया कि उसने पांच लाख रुपये में इंटरनेट के जरिए ग्राहकों के बारे में जानकारी खरीदी और कॉलरों को ग्राहकों को कॉल करने के लिए एक स्क्रिप्ट तैयार करके दी।

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