Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर विवाद! दिल्ली HC ने AWBI को जारी किया निर्देश, स्थानीय लोगों ने जताई थी आपत्ति

हाईकोर्ट ने एडब्ल्यूबीआई को उन स्थानों को चिह्नित करने को कहा है जहां पर कुत्तों को खाना खिलाया जा सकता है ताकि आसपास के क्षेत्र में शांति और सद्भाव की स्थिति कायम रहे। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने वसंत कुंज के ई-2 ब्लॉक के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) द्वारा डाली जा रही अड़चन के खिलाफ पशु प्रेमियों द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर विवाद! दिल्ली HC ने AWBI को जारी किया निर्देश, स्थानीय लोगों ने जताई थी आपत्ति
X

आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर विवाद!

दिल्ली के वसंत कुंज (Vasant Kunj) इलाके में आवारा कुत्तों (Street Dog) को खाना खिलाने पर विवाद हो गया। पशु प्रेमियों को उस वक्त स्थानीय लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा जब वे आवारा कुत्तों को खाना खिला रहे थे। विवाद इतना बढ़ा की मामला दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) तक पहुंच गया। अब इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय पशु कल्याण बोर्ड (AWBI) से, आवारा कुत्तों को खिलाने को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के वसंत कुंज के एक सेक्टर के निवासियों और पशु प्रेमियों के बीच विवाद के मामले में दखल देने को कहा है।

हाईकोर्ट ने एडब्ल्यूबीआई को दिया आदेश

हाईकोर्ट ने एडब्ल्यूबीआई को उन स्थानों को चिह्नित करने को कहा है जहां पर कुत्तों को खाना खिलाया जा सकता है ताकि आसपास के क्षेत्र में शांति और सद्भाव की स्थिति कायम रहे। न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने वसंत कुंज के ई-2 ब्लॉक के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) द्वारा डाली जा रही अड़चन के खिलाफ पशु प्रेमियों द्वारा दाखिल एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। अधिवक्ता अभीक चिमनी द्वारा दाखिल याचिका में अदालत को बताया गया कि जब भी वे सड़कों पर रहने वाले कुत्तों को खाना देने का प्रयास करते हैं तो स्थानीय निवासी इसमें रुकावट डालते हैं। न्यायमूर्ति सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने 2009 में एक आदेश में एडब्ल्यूबीआई को कुत्तों को खाना देने के लिए कॉलोनियों में जगह चिह्नित करने का निर्देश दिया था।

हाईकोर्ट ने पशुप्रेमियों की याचिका का किया निपटारा

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि स्थान चिह्नित करने पर सहमति नहीं बन पायी। आरडब्ल्यूए को आशंका है कि ब्लॉक के खुले क्षेत्र में बच्चे और बुजुर्ग निवासी भी घूमते-टहलते हैं इससे उन्हें दिक्कतें हो सकती हैं। अदालत ने निर्देश दिया कि कि क्षेत्र में शांति और सद्भाव कायम रखने के लिए एडब्ल्यूबीआई आठ मार्च को दो प्रतिनिधियों को भेजकर आरडब्ल्यूए और याचिकाकर्ताओं के साथ बैठक करेगा। बैठक के दौरान निवासियों से बात कर कुत्तों को भोजन देने के लिए ऐसे स्थान को चिह्नित किया जाएगा जहां पर बच्चे, वरिष्ठ नागरिक नहीं आते-जाते। इस निर्देश के साथ अदालत ने पशुप्रेमियों की याचिका का निपटारा कर दिया।

Next Story