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Delhi Riots: कोर्ट से कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां ने पूछा, क्या राजनीतिक जुड़ाव होना गलत है?

Delhi Riots: इशरत जहां समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह पहला मौका है जब आरोपी ने मामले में नियमित जमानत मांगी है। पिछले साल नवंबर में, अदालत ने यूएपीए के तहत दर्ज किए गए अपराधों सहित विभिन्न अपराधों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था।

Delhi Riots: कोर्ट से कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां ने पूछा, क्या राजनीतिक जुड़ाव होना गलत है?
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कोर्ट से कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां ने पूछा

Delhi Riots दिल्ली दंगे को लेकर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में सुनवाई चल रही है। वहीं जो भी आरोपी पाए जा रहे है उनको सजा भी मिल रही है। लेकिन इस मामले में कांग्रेस (Congress) की पूर्व निगम पार्षद इशरत जहां (ishrat jahan) ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों की साजिश के मामले में यहां कोर्ट (Delhi Court) के सामने सोमवार को जमानत मांगी और पूछा किया क्या राजनीतिक जुड़ाव होना गलत बात है? इशरत जहां की ओर से पेश अधिवक्ता प्रदीप तेवतिया ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष कहा कि कोई सबूत नहीं हैं। क्या राजनीतिक जुड़ाव होना गलत है? मैंने क्या गलत किया? यूएपीए लगाने का मकसद आवाजों को दबाना है। यूएपीए की समीक्षा होनी चाहिये।

इशरत जहां के वकील ने रखी दलील

तेवतिया ने इस आधार पर जमानत याचिका दायर की कि सह-आरोपी के साथ जहां का संबंध दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है और गवाह असली नहीं हैं। कार्यवाही के दौरान, अधिवक्ता ने अभियोजन पक्ष के आरोपों पर आपत्ति जताई कि इशरत जहां ने विरोध और हिंसा के वित्तपोषण में मदद की। तेवतिया ने कहा कि उन्होंने (अभियोजन ने) अभी यह कहानी बुनी है और हिंसा से पहले व उसके दौरान उनके खर्च के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस बीच, विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने वे वीडियो पेश करने की अपील की, जिनपर आरोपी के वकीलों ने भरोसा जताया है। मामले की सुनवाई अब 23 जुलाई को होगी।

इशरत जहां को शादी करने के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी

इशरत जहां समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया गया था। यह पहला मौका है जब आरोपी ने मामले में नियमित जमानत मांगी है। पिछले साल नवंबर में, अदालत ने यूएपीए के तहत दर्ज किए गए अपराधों सहित विभिन्न अपराधों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था। इससे पहले, इशरत जहां को शादी करने के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी और सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने या गवाहों को प्रभावित नहीं करने का निर्देश दिया गया था। आपको बता दें कि उन पर फरवरी 2020 की हिंसा का मास्टरमाइंड होने का आरोप है, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हो गए थे।

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