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दिल्ली नई आबकारी नीति: अब देर रात तक होटल और क्लबों में छलकेंगे जाम, होंगे ये बदलाव

नई आबकारी नीति आबकारी विभाग की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है। बाद में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह ने उस पर अपनी रिपोर्ट दी। हालांकि नीति दस्तावेज में शराब की होम डिलीवरी (घर तक पहुंचाने की सुविधा) और शराब पीने की कानूनी उम्र का जिक्र नहीं किया गया है, जो कि आबकारी नियमों का हिस्सा है।

दिल्ली नई आबकारी नीति: अब देर रात तक होटल और क्लबों में छलकेंगे जाम, होंगे ये बदलाव
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प्रतीकात्मक तस्वीर

Delhi New Excise Policy दिल्‍ली में नई आबकारी नीति की घोषणा की गई। इससे साफ है कि दिल्ली सरकार (Delhi Government) अपने राजस्व को बढ़ाने और शराब माफिया (Liquor Mafia) पर नकेल कसने के लिए इससे लागू कर रही है। नई आबकारी नीति में ग्राहकों को अब शराब के ठेकों में 'वॉक-इन' (Walk In) की सुविधा मिलने वाली है। वहीं छोटी इकाइयों पर बीयर बनाने की इजाजत दी जाएगी। जबकि दिल्ली में होटल, क्लब और रेस्तरां के बार (Hotels, Clubs And Restaurants) को देर रात तीन बजे तक खोलने की मंजूरी दी जाने जैसे कदम उठाए गए हैं। इस नई नीति का मकसद दिल्ली में नकली शराब पर अंकुश लगाना भी है। जिसे पीकर लोग बीमार हो जाते है। वहीं कभी-कभी इससे भी बुरी हालत हो सकती है। वहीं, अब नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र और दिल्ली छावनी में 29 दुकानें होंगी। जबकि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर शराब की 10 खुदरा दुकानें होंगी। नई आबकारी नीति आबकारी विभाग की विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित है। बाद में उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह ने उस पर अपनी रिपोर्ट दी। हालांकि नीति दस्तावेज में शराब की होम डिलीवरी (घर तक पहुंचाने की सुविधा) और शराब पीने की कानूनी उम्र का जिक्र नहीं किया गया है, जो कि आबकारी नियमों का हिस्सा है।

शराब की दुकानों की बदलेगी तस्वीर

दिल्ली में शराब की दुकानों की तस्वीर बदलने वाली है। सरकार की नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानें खुली जगह वाली होंगी, ये एयर कंडीशन युक्त होंगी, जहां धक्का-मुक्की नहीं होगी और लोग आसानी से अपनी पसंद की शराब खरीद सकेंगे। दिल्ली सरकार की सार्वजनिक की गयी आबकारी नीति के अनुसार देसी और विदेशी शराब की खुदरा दुकानें किसी भी बाजार, मॉल, वाणिज्यिक क्षेत्रों, स्थानीय शॉपिंग कांपेल्क्स में कहीं भी खोली जा सकती हैं। नीति के तहत दिल्ली सरकार 32 क्षेत्रों (जोन) के लिये एल-7वी लाइसेंस को लेकर निविदाएं जारी कर चुकी है। शहर इसी 32 क्षेत्र में विभाजित है। दस्तावेज के अनुसार कि प्रत्येक खुदरा शराब विक्रेता ग्राहकों को ऐसी सुविधाएं देगा जिससे वे आयें और सामान लेकर आसानी से जाए। उन्हें इसी के हिसाब से दुकानों को तैयार करना होगा। अब दुकानों के बाहर ग्राहकों की लंबी कतार या भीड़-भाड़ की अनुमति नहीं होगी।

दुकान के बाहर और भीतर सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे

शराब की दुकानों को एयर कंडीशन के साथ रोशनी की अच्छी व्यवस्था और शीशे के दरवाजे रखने होंगे। वहां दुकान के बाहर और भीतर सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे और एक महीने की रिकॉर्डिंग रखनी होगी। नई आबकारी नीति में कहा गया है कि लाइसेंस प्राप्त करने वालों को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करनी होगी। व्यवस्था बनाये रखना, उनकी जिम्मेदारी होगी। दुकान के आसपास पूरी सुरक्षा व्यवस्था करना दुकानदार की जिम्मेदारी होगी। इसके अनुसार यदि दुकान पड़ोस के लिए उपद्रव का कारण बनती है और सरकार को शिकायत मिलती है, तो उस संबंधित विक्रेता का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। शराब पीने की कानूनी उम्र पड़ोसी शहरों की तरह 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव रखा गया था।

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