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Delhi News: इस प्रक्रिया के जरिए महिला ने एक साथ चार बच्चे को दिया जन्म, कई वर्षों से नहीं हो रही थी संतान

Delhi News: 'सीड्स ऑफ इन्नोसेंस' की निदेशक और सह-संस्थापक डॉ. गौरी अग्रवाल ने कहा कि क्लीनिक आने से महिला आईयूआई के चार चक्र से गुजर चुकी थी। जब जांच की गयी तो पता चला कि एंटी मुलेरियन हार्मोन (एएमएच) का स्तर कम था ऐसे में आईवीएफ की जरूरत थी।

इस प्रक्रिया के जरिए महिला ने एक साथ चार बच्चे को दिया जन्म
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 इस प्रक्रिया के जरिए महिला ने एक साथ चार बच्चे को दिया जन्म

Delhi News दिल्ली के एक क्लीनिक (Delhi Clinic) में महिला ने एक साथ चार बच्चे को जन्म दिया है। ये बड़ी हैरान करने वाली खबर है। क्योंकि महिला को आठ साल से कोई शंतान नहीं हो रहा था कई जगह पर इलाज करने के बाद ज्यादातर डाक्टरों ने जवाब दे दिया था। लेकिन गाजियाबाद (Ghaziabad) में रहने वाली इस महिला को दक्षिणी दिल्ली (South Delhi) के 'सीड्स ऑफ इन्नोसेंस' (Seeds of Innocence Center) केंद्र के बारे में पता चला जिसके बाद उस महिला ने यहां से इलाज कराना शुरू किया, उसके बाद आईवीएफ पद्धति (IVF Process) के जरिए महिला को चार बच्चे हुए (Birth Four Children) हैं।

क्लीनिक आने से महिला आईयूआई के चार चक्र से गुजर चुकी थी

अस्पताल के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पति ने इस बात पर बेहद खुशी जताई है। वहीं परिवार के सदस्यों ने केंद्र और डॉक्टर को शुक्रिया किया है। 'सीड्स ऑफ इन्नोसेंस' की निदेशक और सह-संस्थापक डॉ. गौरी अग्रवाल ने कहा कि क्लीनिक आने से महिला आईयूआई के चार चक्र से गुजर चुकी थी। जब जांच की गयी तो पता चला कि एंटी मुलेरियन हार्मोन (एएमएच) का स्तर कम था ऐसे में आईवीएफ की जरूरत थी।

डाक्टरों ने कहा- चारों बच्चे स्वस्थ

जानकारी के मुताबिक, शादी के आठ साल तक संतान नहीं होने के बाद एक महिला ने दिल्ली के एक अस्पताल में आईवीएफ पद्धति से चार बच्चों को जन्म दिया। इस बात से पति-पत्नी को बेहद खुशी है। वहीं, अस्पताल के एक प्रवक्ता ने कहा कि 32 वर्षीय महिला ने तीन लड़कों और एक लड़की को जन्म दिया है। वे सभी स्वस्थ हैं और अब घर पर लौट चुके हैं।

महिला ने 12 जुलाई को बच्चे को दिया था जन्म

उन्होंने एआरटी जैसी प्रक्रिया भी अपनायी थी लेकिन सफलता नहीं मिली। महिला ने दक्षिणी दिल्ली में 'सीड्स ऑफ इन्नोसेंस' के एक केंद्र में 12 जुलाई को बच्चे को जन्म दिया। इस दंपति ने आठ साल तक संतान नहीं होने के कारण इलाज भी कराया था। आईवीएफ क्लीनिक के डॉक्टरों ने कहा कि महिला और उसके पति ने बच्चे की आस छोड़ दी थी।

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