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दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- कोरोना की दूसरी लहर 'सुनामी', इससे निपटने के लिए केंद्र से मांगा जवाब

अदालत ने कहा कि संक्रामक रोग की मृत्यु दर कम है और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है उनकी इस बीमारी से मौत होगी, लेकिन समस्या यह है कि जिन लोगों को बचाया जा सकता था, वे भी मर रहे हैं। पीठ ने कहा कि मृत्यु दर को कम करने की जरूरत है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- कोरोना की दूसरी लहर
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Oxygen Crisis In Delhi दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi Highcourt) ने कोविड-19 (Covid 19) की दूसरी लहर (Second Wave) को सुनामी से तुलना की है। हाईकोर्ट ने इससे निपटने के लिए केंद्र (Central Government) से जानकारी तलब किया है। अदालत ने आगाह किया कि वह यहां अस्पतालों (Covid Hospital) को ऑक्सीजन की आपूर्ति में अड़चन पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को लटका देगा। हाईकोर्ट की पीठ ने उक्त टिप्पणी दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में बढ़ते ऑक्सीजन संकट के मुद्दे पर छुट्टी वाले दिन सुनवाई करते हुए की। अदालत ने कहा कि संक्रामक रोग की मृत्यु दर कम है और जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है उनकी इस बीमारी से मौत होगी, लेकिन समस्या यह है कि जिन लोगों को बचाया जा सकता था, वे भी मर रहे हैं। पीठ ने कहा कि मृत्यु दर को कम करने की जरूरत है।

हाईकोर्ट ने वैज्ञानिकों की एक टीम के अध्ययन का दिया हवाला

कानपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) के वैज्ञानिकों की एक टीम के अध्ययन का हवाला देते हुए अदालत ने कहा कि उसका आकलन है कि कोविड की इस लहर की चरम स्थिति मई के मध्य में आएगी। अदालत ने कहा कि हम इसे लहर कह रहे हैं, यह असल में एक सुनामी है। इसके साथ अदालत ने चरम स्थिति आने पर केंद्र से अवसंरचना, अस्पताल, चिकित्सा कर्मियों, दवाई, टीका और ऑक्सीजन के आशय में तैयारियों को लेकर सवाल किया। केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मई और जून में मामलों की संख्या में तेज बढ़ोतरी हो सकती है और देश को बदतर स्थिति के लिए तैयार रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और अन्य इस पर काम कर रहे हैं और ऑक्सीजन आयात करने का फैसला किया गया है और जहां भी संभव हो, वहां से ऑक्सीजन उत्पन्न करने की सम्भावना तलाश रहे हैं।

अस्पतालों की याचिका पर हुई सुनवाई

अदालत गंभीर रूप से बीमार कोविड मरीजों के इलाज के लिए ऑक्सीजन की कमी को लेकर महाराजा अग्रसेन अस्पताल, जयपुर गोल्डन अस्पताल, बत्रा अस्पताल और सरोज सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल के वकील के अभिवेदनों पर सुनवाई कर रही थी। अदालत ने दिल्ली सरकार से केंद्र, राज्य या स्थानीय प्रशासन के किसी भी अधिकारी द्वारा ऑक्सीजन की आपूर्ति को बाधित करने के एक उदाहरण के बारे में बताने को कहा है। पीठ ने कहा कि हम उस व्यक्ति को लटका देंगे। हम किसी को भी नहीं बख्शेंगे। अदालत ने दिल्ली सरकार से कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के ऐसे अधिकारियों के बारे में केंद्र को भी बताए ताकि वह उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके।

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