Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास के बाहर शिक्षकों का प्रदर्शन, गेस्ट टीचर्स के साथ धरने पर बैठे सिद्धू

दिल्ली सरकार (Delhi Government) के गेस्ट शिक्षक (Guest Teacher) स्थायी नौकरी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आवास के बाहर प्रदर्शन (Demonstration) कर रहे हैं।

दिल्ली में मुख्यमंत्री आवास के बाहर शिक्षकों का प्रदर्शन, गेस्ट टीचर्स के साथ धरने पर बैठे सिद्धू
X

दिल्ली सरकार (Delhi Government) के गेस्ट शिक्षक (Guest Teacher) स्थायी नौकरी की मांग को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के आवास के बाहर प्रदर्शन (Demonstration) कर रहे हैं। इस बीच पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Sidhu) के इस धरने में शामिल होने से सियासी पारा चढ़ गया है।

आपको बता दें कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले 22000 से ज्यादा अतिथि शिक्षक पिछले सात साल से स्थायी होने का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान सिद्धू ने पूछा कि अरविंद केजरीवाल कहां हैं? दिल्ली में 22 हजार गेस्ट शिक्षकों से बंधुआ मजदूर की तरह काम कराया जा रहा है। जबकि सटीक नीति बनाकर विकास किया जाना चाहिए, लेकिन केजरीवाल ने भ्रम पैदा किया है। मैं उनका रेत का महल तोड़कर जाऊँगा।

इसके साथ उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'दिल्ली का एजुकेशन मॉडल कॉन्ट्रैक्ट मॉडल (Education Model, Contract Model) है। दिल्ली में 1031 सरकारी स्कूल हैं। दिल्ली में 1031 सरकारी स्कूल हैं। जबकि सिर्फ 196 स्कूलों में ही प्राचार्य हैं। वहीं, शिक्षकों के 45 फीसदी पद खाली हैं और 22000 अतिथि शिक्षकों की मदद से दैनिक वेतन भोगी सरकारी स्कूल चलाए जा रहे हैं।

अनुबंध हर 15 दिनों में नवीनीकृत किया जाता है। इसके साथ ही सिद्धू ने कहा, 'आप' ने संविदा शिक्षकों को स्थायी कर्मचारियों के समान वेतन देने का वादा किया था, लेकिन अतिथि शिक्षकों की मौजूदगी से स्थिति और खराब हो गई। स्कूल प्रबंधन समितियों (एसएमसी) के माध्यम से, तथाकथित 'आप' स्वयंसेवक सरकारी फंड से सालाना 5 लाख कमाते हैं, जो पहले स्कूल के विकास के लिए थे।

वहीं, अखिल भारतीय अतिथि शिक्षक संघ (AIGTA) इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू का समर्थन कर रहा है। दरअसल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सात साल पहले सभी अतिथि शिक्षकों को स्थायी करने का वादा किया था। वहीं, पंजाब में अस्थायी शिक्षकों को स्थायी करने के अरविंद केजरीवाल के बयान के बाद दिल्ली के अतिथि शिक्षकों में एक बार फिर से उम्मीद जगी है। हाल ही में केजरीवाल पंजाब पहुंचे और शिक्षकों के साथ धरना दिया।

उन्होंने वादा किया था कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की सरकार बनते ही शिक्षकों को स्थायी कर दिया जाएगा। इसके बाद से आप और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। इतना ही नहीं दिल्ली के केजरीवाल लगातार पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के कामकाज के अंदाज को लेकर उन पर हमला बोल रहे हैं।

Next Story