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Delhi Pollution : दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को 'नो एंट्री जोन' में अब मिली जाने की अनुमति

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली सरकार ने L5N और N-1 श्रेणियों (छोटा हाथी) के इलेक्ट्रिक हल्के वाणिज्यिक वाहनों को दिल्ली में लगभग 250 सड़कों के 'नो एंट्री जोन' में प्रवेश करने की अनुमति दी गई है।

Delhi Pollution : दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों को नो एंट्री जोन में अब मिली जाने की अनुमति
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दिल्ली सरकार ने प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली की सड़कों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें दौड़ती नजर आएंगी। इसके साथ ही दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राजधानी में आने वाली 1000 नई बसों को रोक दिया है। इसलिए जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर दौड़ती नजर आएंगी।

कैलाश गहलोत ने कहा कि नो एंट्री में किसी भी व्यावसायिक वाहन की अनुमति नहीं है। लेकिन सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों L5-10 और N-1 के ऐसे क्षेत्रों में जाने की अनुमति दे रही है। छोटे हाथी वर्ग L5-10 और N-1 जैसे हल्के वाणिज्यिक वाहन ऐसे क्षेत्रों में यात्रा कर सकते हैं।दिल्ली के परिवहन मंत्री ने कहा कि सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति के कारण इस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहन भी आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब सरकार ने नीति लागू की तो दिल्ली में केवल 46 हल्के वाणिज्यिक वाहन थे। लेकिन आज ऐसे वाहनों की संख्या बढ़कर 1054 हो गई है। वहीं जब उनसे 1000 निजी बसों को किराए पर लेने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इसके लिए सार्वजनिक नोटिस जारी किए गए हैं। बहुत जल्द ये बसें दिल्ली की सड़कों पर नजर आएंगी। उन्होंने बताया कि इनमें से कुछ बसें एसी और कुछ नॉन एसी हैं।

उधर, डीटीसी बसों के आने में देरी पर दिल्ली के मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने उन सभी बसों पर रोक लगा दी है। नहीं तो ये सभी बसें जून के महीने में ही सड़कों पर आ जातीं। उन्होंने कहा कि कोरोना के चलते इन बसों के आने में देरी हुई है। हालांकि उनका प्रोटोटाइप आ गया है। जल्द ही इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी।

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार एक महीने के लिए हजार बसें किराए पर ले रही है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार यह कदम उठा रही है। सरकार चाहती है कि लोग अपने निजी वाहनों को छोड़कर ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक वाहनों का इस्तेमाल करें।

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