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कोरोना की दूसरी लहर में 4 गुना ज्‍यादा ऑक्‍सीजन मांग पर घिरी दिल्‍ली सरकार, अब केजरीवाल और गौतम गंभीर में वार-पलटवार

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली की इसी मांग के कारण करीब 12 राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हुई थी, क्योंकि तब की जा रही मांग के मुताबिक ऑक्सीजन की अतिरिक्त सप्लाई दिल्ली में की जा रही थी। ऑक्सीजन टास्क फोर्स के मुताबिक, 29 अप्रैल से 10 मई के बीच कुछ अस्पतालों में डाटा ठीक किया गया।

कोरोना की दूसरी लहर में 4 गुना ज्‍यादा ऑक्‍सीजन मांग पर घिरी दिल्‍ली सरकार, अब केजरीवाल और गौतम गंभीर में वार-पलटवार
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केजरीवाल और गौतम गंभीर 

कोरोना की दूसरी लहर (Corona Second Wave) के दौरान मई में दिल्ली में ऑक्सीजन (Oxygen) के लिए हाहाकार मचा था. तब दिल्ली के कई अस्पतालों द्वारा हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया गया था और तुरंत ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ाने की अपील की गई थी। उस दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा एक ऑक्सीजन ऑडिट (Audit) टीम बनाई गई थी, जिसकी शुरुआती रिपोर्ट अब सामने आई है। रिपोर्ट आने के बाद से दिल्ली सरकार (Delhi Government) पर गंभीर आरोप लगने शुरू हो गए है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब दिल्ली सरकार द्वारा 1200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की मांग की जा रही थी। तब दिल्ली को सिर्फ 300 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत थी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली की इसी मांग के कारण करीब 12 राज्यों में ऑक्सीजन की किल्लत पैदा हुई थी, क्योंकि तब की जा रही मांग के मुताबिक ऑक्सीजन की अतिरिक्त सप्लाई दिल्ली में की जा रही थी। ऑक्सीजन टास्क फोर्स के मुताबिक, 29 अप्रैल से 10 मई के बीच कुछ अस्पतालों में डाटा ठीक किया गया। दिल्ली सरकार ने इस दौरान 1140 एमटी ऑक्सीजन की ज़रूरत बताई थी, जबकि करेक्शन के बाद ये डाटा 209 एमटी पहुंचा। टास्क फोर्स की ओर से सुझाव दिया गया है कि देश में ऑक्सीजन निर्माण के लिए एक नीति होनी चाहिए, बड़े शहरों के आसपास ही निर्माण की व्यवस्था होनी चाहिए ताकि पचास फीसदी तक सप्लाई यहां से ही हो सके।

केजरीवाल और गौतम गंभीर में वार-पलटवार

बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि जब सबको एकजुट होकर महामारी के खिलाफ लड़ना थी तब घबराहट क्यों पैदा की गई? 279 मीट्रिक टन की जरूरत थी तब क्यों बोला गया कि 1100 मीट्रिक टन की जरूरत है? आपने निजी अस्पतालों को क्यों कहा कि अपनी मांग बढ़ाकर केंद्र को बताइये। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री हर चीज में झूठ बोलकर निकल नहीं सकते। वे देश की जनता से माफी मांगें। ऐसे वक्त में भी इतनी घिनौनी राजनीति सिर्फ एक ही व्यक्ति कर सकता है और उसका नाम अरविंद केजरीवाल है। जिसके बाद पलटवार करते हुए दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए कहा कि ऑक्सीजन ऑडिट पैनल के ऑक्सीजन की जरूरत 4 गुना बढ़ाकर दिखाए गया है। उन्होंने कहा कि जब आप (बीजेपी) चुनावी रैली कर रहे थे तब मैं लोगों के लिए ऑक्सीजन का इंतजाम कर रहा था।

दिल्ली सरकार पर बीजेपी नेताओं ने लगाए आरोप

इसके लिए दिल्ली-मुंबई को प्राथमिकता दी जा सकती है। ऑडिट पैनल की इस रिपोर्ट के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट कर लिखा कि ऑक्सीजन की मांग जितनी थी उससे 4 गुना ज्यादा की और बाकि प्रदेशों को उसका नुकसान उठाना पड़ा, उनको कमी पड़ी। शोर मचाना कोई दिल्ली सरकार से सीखे। दिल्ली बीजेपी के नेता विजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली सरकार ने डिमांड से चार गुना मांग रखी, फिर भी केंद्र की ओर से उसे ऑक्सीजन की सप्लाई मिली। लेकिन अस्पतालों को मदद नहीं की गई, दिल्ली के लोगों को ब्लैक मार्केट में ऑक्सीजन खरीदना पड़ा था।

अरविंद केजरीवाल ने किया जघन्य अपराध: पात्रा

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ऑक्सीजन को लेकर जिस तरह की राजनीति अरविंद केजरीवाल सरकार ने किया आज उसका पर्दाफाश हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऑक्सीजन ऑडिट पैनल स्थापित किया था। उस पैनल की रिपोर्ट कहती है कि दिल्ली सरकार द्वारा ऑक्सीजन की जरूरत 4 गुना बढ़ाकर दिखाई गई थी। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल के इस झूठ के कारण 12 ऐसे राज्य थे जो अपने ऑक्सीजन सप्लाई को लेकर प्रभावित हुए क्योंकि सभी जगहों से ऑक्सीजन काटकर दिल्ली भेजना पड़ा। अरविंद केजरीवाल कह रहे थे उनको बहुत ऑक्सीजन की आवश्यकता है। अरविंद केजरीवाल ने ये जघन्य अपराध किया है।

ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं, बीजेपी नेताओं को देता हूं चुनौती: मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा एक तथाकथित रिपोर्ट बताई जा रही है कि दिल्ली में जब कोरोना का पीक था तो ऑक्सीजन की कमी नहीं थी और ऑक्सीजन की मांग 4 गुना बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई थी। भाजपा के नेता जिस तथाकथित रिपोर्ट के हवाले से अरविंद केजरीवाल को गाली दे रहे हैं, ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने ऑडिट कमेटी के कई सदस्यों से बात की, सबका कहना है कि उन्होंने किसी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर ही नहीं किए हैं। मैं भाजपा नेताओं को चुनौती देता हूं कि वो रिपोर्ट लेकर आओ जिसे ऑक्सीजन ऑडिट कमेटी के सदस्यों ने मंजूरी दी हो।

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