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दिल्ली सरकार ने 'घर-घर राशन' योजना की फाइल फिर उपराज्यपाल को भेजी, पांच बार पहले भी ले चुके हैं मंजूरी

अरविंद केजरीवाल सरकार ने दावा किया था कि उपराज्यपाल ने यह योजना खारिज कर दी है और कहा है कि इसके लिए केंद्र की मंजूरी नहीं ली गई तथा इस बाबत अदालत में एक मामला लंबित है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने फिर से उपराज्यपाल को फाइल भेजी है और कहा है कि यह कानून सम्मत है तथा केंद्र द्वारा पूर्व में जताई गईं आपत्तियों का समाधान कर दिया गया है।

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राशन (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली में घर-घर राशन योजना (Door To Door Ration Scheme) पर एक बार फिर से टकरार देखने को मिल सकती है। क्योंकि दिल्ली सरकार (Delhi Govenrment) ने किसी भी तरह से राजधानी में इसे लागू करना चाहती है। वहीं केंद्र सरकार (Central Government) कुछ न कुछ खामियों को बता कर इसे रोक रही है। लेकिन आज दिल्ली सरकार ने घर-घर राशन आपूर्ति योजना से संबंधित फाइल को मंजूरी के लिए एक बार फिर उपराज्यपाल अनिल बैजल (Lieutenant Governor Anil Baijal) के पास भेजा है। आधिकारिक सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

आपको बता दें कि इस महीने के शुरू में, अरविंद केजरीवाल (CM Arvind kejriwal) सरकार ने दावा किया था कि उपराज्यपाल ने यह योजना खारिज कर दी है और कहा है कि इसके लिए केंद्र की मंजूरी नहीं ली गई तथा इस बाबत अदालत में एक मामला लंबित है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने फिर से उपराज्यपाल को फाइल भेजी है और कहा है कि यह कानून सम्मत है तथा केंद्र द्वारा पूर्व में जताई गईं आपत्तियों का समाधान कर दिया गया है।

सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल ने जोर दिया है कि केंद्र के निर्देशों का पालन किया गया है और दावा किया है कि कोरोना वायरस महामारी के दौरान योजना को रोकना गलत है। इससे पहले सीएम केजरीवाल ने कहा था कि हमने एक बार नहीं 5 बार केंद्र की मंजूरी ली है। कानूनन किसी मंजूरी की जरूरत नहीं है। राशन की होम डिलिवरी क्यों नहीं होनी चाहिए? आप राशन माफिया के साथ खड़े होंगे तो गरीबों के साथ कौन खड़ा होगा? उन 70 लाख गरीबों का क्या होगा जिनका राशन ये राशन माफिया चोरी कर लेते हैं। केंद्र सरकार ने किस आधार पर इस योजना को रोका है कि दिल्ली सरकार ने उससे इसकी मंजूरी नहीं ली।

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