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दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर करते थे ठगी, पुलिस ने बिहार से तीन को किया गिरफ्तार

पुलिस ने कहा कि आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं जिसमें प्रत्येक सदस्य को एक विशेष कार्य सौंपा गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला तब प्रकाश में आया जब दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 की एक निवासी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे पंकज नाम के एक व्यक्ति ने ठगा था। उसने शिकायतकर्ता के दादा के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने का वादा किया था जो कोविड से ग्रस्त थे।

दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर करते थे ठगी, पुलिस ने बिहार से तीन को किया गिरफ्तार
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दिल्ली में ऑक्सीजन सिलेंडर के नाम पर करते थे ठगी

Delhi Fraud दिल्ली में ठगी की घटना बढ़ती जा रही है। कोविड मरीजों के परिवारों को ऑक्सीजन सिलेंडर (Oxygen Cylinder) उपलब्ध कराने के नाम पर कथित तौर पर ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार (Three Arrested) किया गया है और एक किशोर को हिरासत में लिया गया है। पुलिस (Delhi Police) ने बृहस्पतिवार को यहां बताया कि दिल्ली के एक निवासी की शिकायत पर बिहार के नालंदा और शेखोपुर सराय में छापे मारने के बाद बालेंदर चौधरी, कामेश्वर प्रसाद और गोपाल को गिरफ्तार किया गया जबकि किशोर को हिरासत में लिया गया है। साथ ही बताया कि अपराध में इस्तेमाल बैंक खाता और एटीएम कार्ड 2,000 रुपये में बेचा। पुलिस ने 15 मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी आधार कार्ड, पासबुक, फर्जी पैन कार्ड और अन्य पहचान-पत्र तथा 15,675 रुपये भी बरामद किए।

आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य

पुलिस ने कहा कि आरोपी एक संगठित गिरोह के सदस्य हैं जिसमें प्रत्येक सदस्य को एक विशेष कार्य सौंपा गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह मामला तब प्रकाश में आया जब दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 की एक निवासी ने शिकायत दर्ज कराई कि उसे पंकज नाम के एक व्यक्ति ने ठगा था। उसने शिकायतकर्ता के दादा के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने का वादा किया था जो कोविड से ग्रस्त थे। उन्होंने बताया कि महिला ने सोशल मीडिया पर मिले एक नंबर के जरिए दो ऑक्सीजन सिलेंडरों के लिए ऑर्डर दिया और ऑनलाइन 15,000 रुपये का अग्रिम भुगतान किया। पुलिस ने बताया कि पैसा भेजे जाने के बाद शिकायतकर्ता को सिलेंडर नहीं मिले और आरोपी ने उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया।

संयुक्त टीम बनाकर दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अतुल कुमार ठाकुर ने कहा कि हमने संयुक्त टीम गठित की जिसने तकनीकी जांच की और संदिग्धों के विवरण प्राप्त किए जिनके मोबाइल नंबर और बैंक खाते नालंदा में सक्रिय मिले। उन्होंने कहा कि संयुक्त टीम को वहां भेजा गया और स्थानीय सूत्रों की मदद से चार संदिग्धों की पहचान कर उन्हें पुलिस हिरासत में ले लिया गया। गिरोह के काम करने के तरीके के बारे में अधिकारी ने बताया कि किशोर ने बैंक एटीएम कार्ड की व्यवस्था की और गोपाल को 10,000 रुपये में बेच दिया। अधिकारी ने बताया कि बालेंदर ऑक्सीजन सिलेंडरों के लिए लोगों को फोन करता था और गोपाल ने फर्जी सिम कार्ड की व्यवस्था की।

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