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दिल्ली कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, कहा- पूर्व में यौन संबंध का होना रेप की सहमति नहीं

आरोपी ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में तर्क दिया था कि शिकायतकर्ता के साथ उसके पुराने संबंध थे और पीड़िता ने उसके साथ होटल के कमरे में जाने के लिए सहमति दी थी। शिकायतकर्ता ने हालांकि अदालत को बताया कि 2017 के बाद से ही वो हिरेमथ की दोस्त रही और उन दोनों के बीच यौन संबंध भी थे। आरोपी ने उसे दिल्ली में मिलने के लिए बुलाया था।

दिल्ली कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, कहा- पूर्व में यौन संबंध का होना रेप की सहमति नहीं
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दिल्ली कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

दिल्ली के कोर्ट (Delhi Court) ने एक महिला से रेप के मामले (Rape Case) में आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला पीड़िता की याचिका पर लिया है। आरोपी ने शिकायतकर्ता के साथ पूर्व में यौन संबंध बनाए थे। कोर्ट ने यौन अपराधों के लिए फास्ट ट्रैक अदालत के प्रभारी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजय खनगवाल की अदालत ने मुंबई के एक पत्रकार वरुण हिरेमथ को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। जिस पर दिल्ली में एक होटल के कमरे में एक महिला से बलात्कार करने का आरोप है। आरोपी ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका में तर्क दिया था कि शिकायतकर्ता के साथ उसके पुराने संबंध थे और पीड़िता ने उसके साथ होटल के कमरे में जाने के लिए सहमति दी थी।

कोर्ट के सामने पेश किया व्हाट्सएप चैट

आरोपी वरुण ने पीड़िता के साथ पुराने रिश्ते को दिखाने के लिए अपनी पुरानी व्हाट्सएप चैट भी अदालत के सामने पेश की। शिकायतकर्ता ने हालांकि अदालत को बताया कि 2017 के बाद से ही वो हिरेमथ की दोस्त रही और उन दोनों के बीच यौन संबंध भी थे। आरोपी ने उसे दिल्ली में मिलने के लिए बुलाया था। क्योंकि वो अपने परिवार के साथ यहां एक शादी में आया हुआ था। एक रेस्तरां में मिलने के बाद, आरोपी वरुण ने उसे अपने होटल में इनवाइट किया, लेकिन पीड़िता ने किसी भी तरह के यौन संबंध के लिए सहमति नहीं दी।

पीड़िता ने सुनाई आपबीती

उसने यह भी आरोप लगाया है कि जब वे होटल के कमरे में पहुंचे, तो आरोपी ने उसे कुछ सेक्सुअल एक्टिविटी के लिए मजबूर किया। पीड़िता उस वक्त आरोपी के अग्रेशन और उत्तेजना से डर गई। उसे डर था कि कहीं आरोपी उसे कोई चोट ना पहुंचा दे, इसलिए इसने ऐसा किया। दलीलों के दौरान, शिकायतकर्ता ने अपने वकीलों सिद्धार्थ और जय देहराई के माध्यम से उस घटना के दिन की व्हाट्सएप चैट भी अदालत को दिखाई, जिसमें आरोपी उस कृत्य के लिए माफी मांगता दिख रहा है। अदालत ने उल्लेख किया है कि अग्रिम जमानत के शुरुआती चरण में दोनों पक्षों की दलीलों की हकीकत ट्रायल का सबब होगी। पिछले रिश्ते की वजह सहमति नहीं हो सकती है।

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