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Delhi Pollution : दिल्ली की हवा अब भी खराब, अगले कुछ दिन और छाई रहेगी धुंध, खराब श्रेणी में दर्ज किया गया AQI

हवाओं के बदले हुए रुख से दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में हवा में सुधार जारी है। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के बाद भी जहरीला धुआं हवा के साथ नहीं मिल रहा है। इससे दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) की वायु सेहत में सुधार जारी है। अगले दो दिनों में प्रदूषण (Pollution) के कारण वायु गुणवत्ता (Air Quality) में बहुत अधिक बदलाव की कोई संभावना नहीं है।

Delhi Pollution : दिल्ली की हवा अब भी खराब, अगले कुछ दिन और छाई रहेगी धुंध, खराब श्रेणी में दर्ज किया गया AQI
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हवाओं के बदले हुए रुख से दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में हवा में सुधार जारी है। पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के बाद भी जहरीला धुआं हवा के साथ नहीं मिल रहा है। इससे दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) की वायु सेहत में सुधार जारी है। अगले दो दिनों में प्रदूषण (Pollution) के कारण वायु गुणवत्ता (Air Quality) में बहुत अधिक बदलाव की कोई संभावना नहीं है।

आने वाले दिनों में 21 नवंबर से तेज हवाएं चलेंगी, जिससे हवा साफ हो जाएगी। हालांकि, आज सुबह दिल्ली का एक्यूआई (AQI) 332 दर्ज किया गया है, जो बहुत खरब कैटेगरी में आता है। मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान की प्रणाली (SAFAR) के मुताबिक पिछले दो दिनों से हवाओं की दिशा पूर्व दिशा में बनी हुई है। इस वजह से पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के बाद इसका धुआं दिल्ली-एनसीआर की हवा में जहर नहीं घोल रहा है।

वही दिल्ली से सटे एनसीआर के इलाके में पिछले 24 घंटे में 773 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे उत्पन्न पीएम 2.5 का प्रदूषण (Pollution) में नगण्य हिस्सा था। हवा में पीएम 2.5 का स्तर 162 और पीएम 10 का स्तर 278 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था। सफर का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी (Poor Category) में रहेगी। 21 नवंबर से सतही हवाओं की गति में वृद्धि से प्रदूषकों के फैलाव में मदद मिलेगी। इसके साथ ही मौसम विभाग (Meteorological Department) ने भी पूरे सप्ताह धूप अच्छी रहने की संभावना जताई है। इससे मौसम सुहावना रहेगा और प्रदूषण कम होगा।

एनसीआर के इलाको में बारिश होने की है संभावना

20 नवंबर को दक्षिणी हरियाणा, राजस्थान और एनसीआर-दिल्ली के सीमित क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ मौसम प्रणाली (Western Disturbance Weather System) और अरब सागर में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण सीमित क्षेत्रों में बारिश सक्रिय रहेगी। इस सिस्टम से बादल पूरे इलाके में अपना डेरा जमा लेंगे। राजस्थान का क्षेत्र इस मौसम प्रणाली से अधिक प्रभावित होगा।

राजकीय महाविद्यालय नारनौल (Government College, Narnaul) के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने कहा कि उत्तर और मध्य भारत खासकर हरियाणा, राजस्थान, एनसीआर-दिल्ली में लंबे समय से मौसम शांत बना हुआ है। कोई मौसमी हलचल न होने के कारण हर दिन न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट देखी जा रही है। लेकिन जल्द ही मौसम बदलने वाला है।

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