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दिल्ली के इस अस्पताल में 4 गुणा बढ़ी कोरोना संक्रमित बच्चों की संख्या, स्पेशल डॉक्टरों की टीम गठित

अस्पताल में बाल चिकित्सा विंग को मजबूत करने के लिए यहां पहले से मौजूद 15 में 6 बाल चिकित्सा वेंटिलेटर जोड़े हैं। इसके साथ ही स्पष्ट किया कि बच्चों में कोविड के लक्षणों में बुखार, दस्त, वायरल निमोनिया और चिड़चिड़ापन शामिल है।

दिल्ली के इस अस्पताल में 4 गुणा बढ़ी कोरोना संक्रमित बच्चों की संख्या, स्पेशल डॉक्टरों की टीम गठित
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कोरोना वायरस

देश की राजधानी दिल्ली में (Coronavirus New Cases) कोरोना संक्रमण के नये मामलों में गिरावट आने से जहां खुशी मिली है। वहीं एलएनजेपी लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में पिछले साल की तुलना में कोविड प्रभावित बच्चों की संख्या अचाकन से 4 गुनी बढ़ने पर डॉक्टरों की चिंता बढ़ गई है। यहां पिछले 2 महीनों में 8 से 15 साल के कोरोना संक्रमित 29 बच्चे सामने आये हैं। जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं अस्पताल में भर्ती 29 में से 3 बच्चों को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ी है। ऐसे में कोरोना संक्रमित बच्चों की हालत गंभीर और संख्या में इजाफा होते देख रही है कहीं यह कोरोना की तीसरी लहर का तो असर नहीं हैं। हालांकि अभी तक स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा जा सकता है। इसी को लेकर डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम गठित की गई है। जो इस बात का पता लगाने में जुटी है कि अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित बच्चे बढ़ते कोरोना का शिकार है। या फिर किसी दूसरे वायरस से प्रभावित है।

जानकारी के अनुसार, अस्पताल में बाल चिकित्सा विंग को मजबूत करने के लिए यहां पहले से मौजूद 15 में 6 बाल चिकित्सा वेंटिलेटर जोड़े हैं। इसके साथ ही स्पष्ट किया कि बच्चों में कोविड के लक्षणों में बुखार, दस्त, वायरल निमोनिया और चिड़चिड़ापन शामिल है। कुछ बच्चों को ऑक्सीजन की कमी भी महसूस होती है। इस बार पिछले साल से ज्यादा बच्चों के कोविड पॉजिटिव पाए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं इस बार ज्यादा से ज्यादा बच्चों का भी कोरोना टेस्ट किया जा रहा है। जिनमें पॉजिटिव मामले भी सामने आ रहे हैं। इनमें 6 साल से कम उम्र के बच्चे भी शामिल है।

कोरोना की पहली लहर में नहीं कराया था टेस्ट

खबरों के अनुसार, एक चिकित्सा से जुड़े अधिकारी ने बताया कि पिछले साल 6 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चों का कोरोना टेस्ट नहीं किया गया था। इसकी वजह उनमें लक्षणों का विकसित नहीं होना था। साथ ही यह भी देखने में आया कि जो बच्चे कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आ रहे हैं। उनमें कोरोना के लक्षण विकसित हो रहे हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार एक डेटा लेकर उस पर अध्ययन कर रही है। वहीं एलएनजेपी अस्पताल के सीनियर डॉक्टर ने बताया कि हमने 15 बाल रोग विशेषज्ञों की की एक टीम गठित की है। यह टीम बच्चों में कोरोना के लक्षण को लेकर लगातार रिसर्च कर रही है कि कैसे 29 में से कोई भी बच्चा गंभीर नहीं हुआ। साथ ही 22 कोरोना संक्रमित बच्चों का इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है।

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