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First Smog Tower: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले स्मॉग टॉवर का किया उद्घाटन, दिल्लीवासियों को प्रदूषण से मिलेगी राहत

First Smog Tower: आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) इसका उद्घाटन क्नॉट प्लेस (Cannaught Place) में बने पहले स्मॉग टॉवर का उद्घाटन (Inaugurate) किया है। इस दौरान सीएम केजरीवाल के साथ पर्यावरण मंत्री गोपाल (Environment Minister Gopal Rai) राय भी मौजूद रहे।

First Smog Tower: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले स्मॉग टॉवर का किया उद्घाटन, दिल्लीवासियों को प्रदूषण से मिलेगी राहत
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पहले स्मॉग टॉवर का किया उद्घाटन

First Smog Tower दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए केजरीवाल सरकार (Delhi Government) तेजी से कार्य कर रही है। इसके अंर्तगत देश की राजधानी में पहला स्मॉग टॉवर (First Smog Tower) लगाया गया है। जिसका निर्माण पूरा हो गया है। वहीं आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) इसका उद्घाटन कनॉस प्लेस (Cannaught Place) में बने पहले स्मॉग टॉवर का उद्घाटन (Inaugurate) किया है। इस दौरान सीएम केजरीवाल के साथ पर्यावरण मंत्री गोपाल (Environment Minister Gopal Rai) राय भी मौजूद रहे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मौके पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि 'स्मॉग टावर' की स्थापना पायलट परियोजना के तहत की गई है, अगर यह सफल रहा, तो दिल्ली के अन्य इलाकों में भी इसकी स्थापना की जाएगी। केजरीवाल ने कहा कि प्रदूषण से लड़ने और दिल्ली की हवा साफ करने के लिए आज दिल्ली में देश का पहला स्मॉग टॉवर लगाया जा रहा है। इस तकनीक को हमने अमेरिका से आयात किया है। ये टॉवर 24 मीटर ऊंचा है और ये 1 किलोमीटर दायरे की हवा को साफ करेगा।

स्मॉग टॉवर प्रति सेकंड एक हजार घन मीटर हवा को शुद्ध करेगा

दिल्ली में बने पहले स्मॉग टॉवर से एक सैकंड में 1,000 घन मीटर हवा शुद्ध हो सकेगी। एक अधिकारी ने बताया कि स्मॉग टावर का संचालन शुरू होने के बाद दो साल तक इसके प्रभाव का अध्ययन किया जाएगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्मित 25 मीटर ऊंचा एक अन्य टावर आनंद विहार में 31 अगस्त तक काम करना शुरू कर देगा।

पिछले साल मिली थी मंजूरी

दिल्‍ली कैबिनेट ने स्‍मॉग टॉवर को बनाने का प्रोजेक्ट को पिछले साल मंजूरी दी थी, लेकिन कोरोना की वजह से इसमें देरी हुई है। यही नहीं, स्‍मॉग टॉवर के शुरू होने के बाद उसकी प्रभावशीलता का पता लगाने के लिए दो साल का पायलट अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद अध्ययनकर्ता दिल्ली सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेंगे। यह स्‍मॉग टॉवर सेकेंड में एक हजार क्यूबिक मीटर हवा को साफ करेगा और दिल्ली में पीएम 2.5, पीएम 10 के स्तर को कम करेगा।

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