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छत्रसाल स्टेडियम हत्याकांड मामला: जेल में सुशील कुमार का नहीं भर पा रहा पेट, दिल्ली कोर्ट से कर सकते है ये मांग

जेल सूत्रों ने बताया कि सुशील ने जेल के खाने के बारे में जेल अधिकारियों से कोई बात नहीं की। लेकिन उन्होंने कहा कि जेल में उन्हें जो खाना मिल रहा है वह पर्याप्त नहीं है। उन्हें इससे अधिक खाना और वह भी अधिक प्रोटीन वाला डाइट चाहिए होगा। वह एक रेसलर हैं। उन्हें अपने शरीर को मेंटेन रखने के लिए सामान्य खुराक वाला खाना नहीं चल पाएगा। उन्हें कुछ एक्सट्रा चाहिए होगा। जरूरत के मुताबिक वह इसके लिए संबंधित कोर्ट से मांग कर सकते हैं।

छत्रसाल स्टेडियम हत्याकांड मामला: जेल में सुशील कुमार का नहीं भर पा रहा पेट, दिल्ली कोर्ट से कर सकते है ये मांग
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 जेल में सुशील कुमार का नहीं भर पा रहा पेट

Chhatrasal Stadium Murder Case छत्रसाल स्टेडियम हत्याकांड मामले में जेल में बंद पहलवान सुशील कुमार (Wrestler Sushil Kumar) को पूरी डाइट नहीं मिल पा रही है। उनको जेल में आठ रोटियों, दो कप चाय और चार बिस्कुट मिल रहे है जिसे सुशील कुमार कम बता रहे हैं। सुशील ने कहा है कि उनका पेट अन्य कैदियों को मिलने वाली खुराक से नहीं भरने वाला। उन्हें कुछ एक्स्ट्रा प्रोटीन और अधिक खाना चाहिए होता है। बताया जाता है कि जरूरत पड़ी तो वह इस बारे में कोर्ट से भी रिक्वेस्ट कर सकते हैं कि उन्हें अधिक डाइट दी जाए। पहलवान सुशील कुमार की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जेल प्रशासन ने बताया कि जेल में लाए जाने से पहले पुलिस ने सुशील का कोविड टेस्ट कराया था। इसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।

जेल सूत्रों ने बताया कि सुशील ने जेल के खाने के बारे में जेल अधिकारियों से कोई बात नहीं की। लेकिन उन्होंने कहा कि जेल में उन्हें जो खाना मिल रहा है वह पर्याप्त नहीं है। उन्हें इससे अधिक खाना और वह भी अधिक प्रोटीन वाला डाइट चाहिए होगा। वह एक रेसलर हैं। उन्हें अपने शरीर को मेंटेन रखने के लिए सामान्य खुराक वाला खाना नहीं चल पाएगा। उन्हें कुछ एक्सट्रा चाहिए होगा। जरूरत के मुताबिक वह इसके लिए संबंधित कोर्ट से मांग कर सकते हैं।

मंडोली की हाई रिस्क जेल नंबर 15 पहलवान सुशील को रखा गया है। इसमें अधिकतर चक्की यानी सेल ही हैं। इस सेल में सुशील को अकेले रखा गया है। इनके साथ अन्य किसी कैदी को नहीं रखा गया है ताकि अन्य किसी गैंगस्टर या गैंग से इन्हें किसी तरह का खतरा पैदा न होने पाए। वैसे, आमतौर पर अन्य कैदियों को जेल प्रशासन कोरोना के चलते पहले 14 दिनों के लिए मंडोली की टेंपररी जेल में रखते हैं। इनके अन्य साथियों को इनके आसपास के सेल में रखा गया है।

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