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शाहीन बाग में CAA धरना-प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बरकरार, प्रदर्शनकारियों के लिए कही ये बड़ी बात

साल 2019 में केंद्र द्वारा सीएए कानून पारित किया गया था जिसको लेकर दिल्ली के शाहीन बाग में विरोध-प्रदर्शन किया गया था। ये प्रदर्शन 100 से अधिक दिनों तक चला था। लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते बीते साल मार्च में लगाए गए लॉकडाउन के बाद प्रदर्शन खत्म हुआ था।

शाहीन बाग में CAA धरना-प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बरकरार, प्रदर्शनकारियों के लिए कही ये बड़ी बात
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शाहीन बाग में CAA धरना-प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला बरकरार

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में शनिवार को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर शाहीन बाग में धरना-प्रदर्शन पर सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग (Shaheen Bagh) मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज (Rejects Review Petition) कर दी है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने साल 2020 में अक्टूबर के महीने में दिए शाहीन बाग फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है धरना प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा है लेकिन उसकी एक सीमा है। इसलिए धरना प्रदर्शन लोग अपनी मर्जी से और किसी भी जगह नहीं कर सकते।

आपको बता दें कि साल 2019 में केंद्र द्वारा सीएए पारित किया गया था जिसको लेकर दिल्ली के शाहीन बाग में विरोध-प्रदर्शन किया गया था। ये प्रदर्शन 100 से अधिक दिनों तक चला था। लेकिन कोरोना वायरस महामारी के चलते बीते साल मार्च में लगाए गए लॉकडाउन के बाद प्रदर्शन शाहीन बाग में खत्म हुआ था। प्रदर्शन में मौजूद प्रदर्शनकारी और आलोचक इस कानून को 'मुस्लिम विरोधी' बता रहे थे।

इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट के तीन न्यायाधीशों एस के कॉल, अनिरुद्ध बोस और कृष्ण मुरारी की बेंच ने शाहीन बाग के सीएए विरोध को गैर कानूनी बताया हुये याचिका खारिज की है। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार करने के लिए चुनौती दी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है। वहीं, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि धरना प्रदर्शन के लिए जगह चिन्हित होनी चाहिए। अगर कोई व्यक्ति या समूह इससे बाहर धरना प्रदर्शन करता है तो नियम के मुताबिक उन्हें हटाने का अधिकार पुलिस के पास है। धरना प्रदर्शन से आम लोगों पर कोई असर नहीं होना चाहिए। धरने के लिए सार्वजनिक स्थान पर कब्जा नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा होता है पुलिस अपनी तरफ से कार्रवाई कर सकती है।

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