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ब्रेन डेड हो चुकी महिला ने पांच लोगों को दी जिंदगी, जानें कैसे...

महिला की एक किडनी आकाश हेल्थकेयर, द्वारका में ही एक मरीज को दी गई थी, जबकि दूसरी किडनी को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में एक 52 वर्षीय मरीज को बचाने के लिए दिया गया, लीवर को मेदांता अस्पताल में भर्ती 71 वर्षीय पुरुष मरीज को दान में दिया गया। मरीज के दोनों कार्निया को श्रॉफ आई सेंटर के नेत्र बैंक में रखा गया है।

ब्रेन डेड हो चुकी महिला ने पांच लोगों को दी जिंदगी, जानें कैसे...
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ब्रेन डेड हो चुकी महिला ने पांच लोगों को दी जिंदगी

Brain Dead Woman Donate Body Parts दिल्ली में एक महिला ने मरते-मरते पांच लोगों को नई जिंदगी दी है। महिला ब्रेन डेड हो चुकी थी। जिसके बाद महिला के बॉडी पार्ट्स को प्रत्यारोपित किया गया। महिला के लिवर, किडनी और दोनों आंखों को दिल्ली के अस्पतालों (Delhi Hospitals) में गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि 57 वर्षीय महिला अनिता आहूजा (Anita Ahuja) घर में गिर गई थी जिसके कारण उनके सिर में चोट लग गई थी। उसे एक नजदीकी अस्पताल में ले जाया गया था।

कोई भी हलचल न होने के कारण महिला को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। इसके बाद अस्पताल के प्रत्यारोपण विभाग के सदस्यों ने महिला के परिवार से संपर्क किया उन्हें बताया कि महिला भले ही न जीवित हो लेकिन उसके अंगों से पांच लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती हैं। इसके बाद परिवार ने महिला के अंगों को दान करने की सहमति दी। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संस्थान के आवंटन मानदंडों ने बताया कि, महिला के अंगों को निकालकर दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया।

महिला की एक किडनी आकाश हेल्थकेयर, द्वारका में ही एक मरीज को दी गई थी, जबकि दूसरी किडनी को दिल्ली के अपोलो अस्पताल में एक 52 वर्षीय मरीज को बचाने के लिए दिया गया, लीवर को मेदांता अस्पताल में भर्ती 71 वर्षीय पुरुष मरीज को दान में दिया गया। मरीज के दोनों कार्निया को श्रॉफ आई सेंटर के नेत्र बैंक में रखा गया है।

परिवार के सदस्य महिला के ब्रेन डेड होने की खबर के बाद वे बेहद टूट गए थे लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों और अन्य कर्मचारियों ने बताया कि अंगदान से दूसरे मरीजों को जिंदगी दी जा सकती हैं। कुछ समय बाद परिवार अंगदान के लिए राजी हो गया। भाई ने कहा कि उनकी बहन अभी भी अपने अंगों के माध्यम से दूसरे लोगों के शरीर में जीवित रहेगी। यह सफल कैडेवर अंग दान के दुर्लभ मामलों में से एक था। अस्पताल के डॉक्टर विकास अग्रवाल ने कहा कि हमने यह अपना पहला मृतक डोनर किडनी प्रत्यारोपण किया है।

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