Top
Hari bhoomi hindi news chhattisgarh

Bird Flu: दिल्ली में बर्ड फ्लू से मासूम की मौत, AIIMS के सभी कर्मचारियों को किया गया आइसोलेट

लड़के को दो जुलाई को निमोनिया और ल्यूकेमिया की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 12 जुलाई को उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान उसकी कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा की जांच की गयी। लड़के में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले। लेकिन बर्ड फ्लू का इन्फ्लूएंजा संक्रमण मिला।

Bird Flu: दिल्ली में बर्ड फ्लू से मासूम की मौत, AIIMS के सभी कर्मचारियों को किया गया आइसोलेट
X

दिल्ली में बर्ड फ्लू से मासूम की मौत

Bird Flu दिल्ली में कोरोना संक्रमण (Corona Virus) के बीच एक बार फिर से बर्ड फ्लू ने भी दस्तक दे दी है। इस संक्रमण से राजधानी में एक मासूम की मौत (Boy Death) हो गई है। इस 12 साल के लड़के इलाज एम्स (AIIMS) में चल रहा था। इस बात की जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है। लड़का दिल्ली का रहने वाला है। जानकारी के मुताबिक, लड़के को दो जुलाई को निमोनिया और ल्यूकेमिया की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था और 12 जुलाई को उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि उपचार के दौरान उसकी कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा की जांच की गयी।

लड़के में कोरोना संक्रमण के लक्षण नहीं मिले। लेकिन बर्ड फ्लू का इन्फ्लूएंजा संक्रमण मिला। नमूने को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे भेजा गया, जहां उसमें एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा के संक्रमण की पुष्टि हुई। सूत्र ने बताया कि मामले का विवरण राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) को भेज दिया गया है और उनकी टीम ने संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी है। मरीज की मौत के बाद संपर्क में आए सभी अस्पताल के कर्मचारियों को आइसोलेशन में रखा गया है।

बर्ड फ्लू के प्रमुख लक्षणों में कफ, डायरिया, बुखार, सांस से जुड़ी दिक्कत, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, पेट दर्द, उल्टी, निमोनिया गले में खराश, नाक बहना, बेचैनी, आंखों में इंफेक्शन जैसी समस्या हो सकती है। आपको अगर यह लगने लगे की आपको बर्ड फ्लू हो गया है तो आप तुरंत किसी डॉक्टर से कॉन्टैक्ट करें और किसी के भी संपर्क में आने से बचें। इंसानों में बर्ड फ्लू किसी मरे या जिंदा पक्षी के संपर्क में आने से होता है। बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी की बीट या लार में यह वायरस पाया जाता है। या कई बार हवा के जरिए भी यह संक्रमण फैलता है। अगर कोई इंसान संक्रमित पक्षी को छूता और फिर उसके बाद अपनी आंख, नाक या मुंह को छू लेता है तो वायरस उस शख्स के शरीर में प्रवेश कर सकता है।

Next Story