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प्रदूषित शहरों के मामले में ओडिशा, उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली तीसरे स्थान पर, CPCB ने जारी की रिपोर्ट

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी सबसे दूषित स्थलों वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में तीसरे स्थान पर है। सीपीसीबी के अनुसार, भारत में 112 स्थल ऐसे हैं जो विषैले और खतरनाक पदार्थों से दूषित हैं। इसके अलावा, 168 स्थल ऐसे हैं जो दूषित हो सकते हैं, लेकिन इस संबंध में जांच और पुष्टि किए जाने की जाने की आवश्यकता है।

प्रदूषित शहरों के मामले में ओडिशा, उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली तीसरे स्थान पर, CPCB ने जारी की रिपोर्ट
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प्रदूषित शहरों के मामले में ओडिशा, उत्तर प्रदेश के बाद दिल्ली तीसरे स्थान पर

दिल्ली में प्रदूषण का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जहरीली हवा में सांस लेने को दिल्लीवासी मजबूर है। इसी बीच, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) खराब श्रेणी में रही। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वाह्न नौ बजे यहां का एक्यूआई 250 दर्ज किया गया। जबकि दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में प्रदूषण लेवल 300 के पार ही रहा। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी सबसे दूषित स्थलों वाले राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की सूची में तीसरे स्थान पर है। सीपीसीबी के अनुसार, भारत में 112 स्थल ऐसे हैं जो विषैले और खतरनाक पदार्थों से दूषित हैं। इसके अलावा, 168 स्थल ऐसे हैं जो दूषित हो सकते हैं, लेकिन इस संबंध में जांच और पुष्टि किए जाने की जाने की आवश्यकता है।

दूषित शहरों में ओडिशा सबसे ऊपर

दूषित स्थलों की सूची में ओडिशा सबसे ऊपर है, जहां 23 दूषित स्थल हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश का स्थान है, जहां 21 दूषित स्थल हैं और 11 दूषित स्थलों के साथ दिल्ली तीसरे स्थान पर है। दिल्ली में दूषित स्थलों में भलस्वा और गाजीपुर लैंडफिल के अलावा झिलमिल, वजीरपुर, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी, दिलशाद गार्डन और लॉरेंस रोड औद्योगिक क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी में 12 ऐसे स्थल हैं, जिनके दूषित होने की आशंका है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, दूषित स्थल ऐसे क्षेत्र हैं जहां मानव निर्मित विषैले और खतरनाक पदार्थ इतनी अधिक मात्रा में हैं, जिनसे मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण को खतरा पैदा हो सकता है। संभावित दूषित स्थल' ऐसे क्षेत्र हैं जहां कथित तौर पर विषैले पदार्थ हैं, लेकिन वैज्ञानिक तरीके से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता खराब

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में वायु गुणवत्ता खराब की श्रेणी में रही जबकि यह नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में यह स्तर मध्यम श्रेणी में दर्ज की गयी। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के प्रदूषण सूचकांक ऐप समीर के अनुसार, शनिवार शाम चार बजे तक 24 घंटे में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गाजियाबाद में 213, ग्रेटर नोएडा में 204, नोएडा में 182, फरीदाबाद में 169 और गुरुग्राम में 177 रहा।

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