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निठारी कांड : 12 मामलों में फांसी की सजा पाने वाला आरोपी सुरेंद्र कोली एक केस में बरी, CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने एक बच्ची से दुष्कर्म, हत्या और शव नाले में फेंकने से जुड़े 13वें मामले में सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को सबूत न होने के कारण रिहा कर दिया है। निठारी कांड का खुलासा 29 दिसंबर 2006 को हुआ था। कोठी नंबर डी-5 में ही सुरेंद्र कोली ने इन हत्याओं और दुष्कर्म की वारदातों को अंजाम दिया करता था।

पुलिस की इस गलती के कारण नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को मिली जमानत, जानें क्या पूरा मामला
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प्रतीकात्मक तस्वीर

गाजियाबाद की स्पेशल सीबीआई (CBI Court) अदालत ने निठारी कांड (Nithari Murder Case) में मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली (Surender Koli) को शुक्रवार को बरी करार दिया है। अदालत ने सुरेंद्र को पुख्ता सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया। आपको बता दें कि सुरेंद्र पर इस मामले में कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। निठारी कांड के अब तक 12 मामलों में सीबीआई कोर्ट उसे फांसी की सजा सुना चुकी थी।

जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने एक बच्ची से दुष्कर्म, हत्या और शव नाले में फेंकने से जुड़े 13वें मामले में सुनवाई के बाद मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली को सबूत न होने के कारण रिहा कर दिया है। निठारी कांड का खुलासा 29 दिसंबर 2006 को हुआ था। कोठी नंबर डी-5 में ही सुरेंद्र कोली ने इन हत्याओं और दुष्कर्म की वारदातों को अंजाम दिया था।

सीबीआई ने बच्चियों के लापता होने और हत्या कर शव छुपाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। छानबीन के बाद डी-5 कोठी मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और नौकर सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार करके सीबीआई ने बड़ा खुलासा किया था।

आरोप था कि इन लोगों ने नाबालिग बच्चियों का अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी और फिर शवों को क्षत-विक्षत कर नाले में फेंक दिया था। आपको बता दें कि निठारी में साल 2006 में इस हत्याकांड से दहशत फैला देने वाले 12 केसों में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट भले ही फैसले सुना चुकी हो, लेकिन इसी कांड में चार मामले अब भी कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन मामलों में भी अभी फैसला आना बाकी है।

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