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खतरनाक हुआ यास चक्रवात, कई ट्रेनें रद्द, 115 टीमें तैनात, छत्तीसगढ़ में होगी बारिश

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने चक्रवात ‘यास’ के लिए अपनी तैयारियों के तहत ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अब तक की सबसे अधिक टीमों को तैनात किया है। मंगलवार शाम को ओडिशा के पारादीप में चल रही तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ उखड़ गए हैं। ओडिशा सरकार ने तटीय जिलों के संवेदनशील इलाकों से 2 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

खतरनाक हुआ यास चक्रवात, कई ट्रेनें रद्द, 115 टीमें तैनात, छत्तीसगढ़ में होगी बारिश
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नई दिल्ली/रायपुर. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने चक्रवात 'यास' के लिए अपनी तैयारियों के तहत ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अब तक की सबसे अधिक टीमों को तैनात किया है। मंगलवार शाम को ओडिशा के पारादीप में चल रही तेज हवाओं की वजह से कई पेड़ उखड़ गए हैं। ओडिशा सरकार ने तटीय जिलों के संवेदनशील इलाकों से 2 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।

पश्चिम बंगाल में 9 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय पर पहुंचाया गया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसकी जानकारी दी है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने कहा कि चक्रवात यास एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है जिसके हवा की गति बढ़ने की संभावना है। इसकी गति 160-185 किमी/घंटा से और ऊपर जाएगी। चक्रवात के पल-पल की जानकारी लेने के लिए एनडीआरएफ ने खास कंट्रोल रूम भी बनाया है जिसके तुरंत हालात के मुताबिक रणनीति बनाई जा रही है। एनडीआरएफ के डायरेक्टर जेनरल एसएन प्रधान ने कहा है-एनडीआरएफ ने जिन टीमों को लगाया है उनमें 52 ओडिशा तो 45 पश्चिम बंगाल में तैनात की गई हैं। संघीय आपदा बल ने पांच राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में तैनाती के लिए कुल 115 टीमों को तैयार किया है।

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात से इन इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है। ओडिशा में सबसे अधिक 52 और पश्चिम बंगाल में 45 टीमों को तैनात किया गया है। इनके अलावा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, झारखंड और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में बाकी टीमों को तैनात किया गया है। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने ट्वीट किया कि दो राज्यों ओडिशा और पश्चिम बंगाल में पहली बार सबसे अधिक टीमों को तैनात किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे पहले किसी भी चक्रवात के लिए इतनी अधिक टीमों को इन दो राज्यों में तैनात नहीं किया गया था। जरूरत पड़ने पर यहां टीमों की तैनाती बढ़ाई भी जा सकती है। इन टीमों में 47 कर्मी हैं। वे पेड़ या खंभे कांटने की मशीनों, संचार उपकरणों, हवा भर कर चलाई जाने वाली नौकाओं और बुनियादी चिकित्सा सहायता से लैस हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को बताया कि चक्रवाती तूफान 'यास' के बुधवार सुबह ओडिशा के भद्रक जिले के धमरा बंदरगाह के पास दस्तक देने का अनुमान है।

छत्तीसगढ़ में ऐसा असर

मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती तूफान यास का असर छत्तीसगढ़ पर भी पड़ेगा। खासकर ओडिशा से जुड़े इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने 27 से 29 मई तक सरगुजा और बिलासपुर जिले में बारिश का अनुमान जताया है।

ट्रेनें रद्द, पैसा लौटाएगा रेलवे

नार्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने बताया है कि तूफान के मद्देनजर 24 मई से 29 मई तक 38 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे यात्रियों के टिकट के पैसे रिफंड कर देगा। इनमें कलकत्ता और दक्षिण जाने वाली ट्रेनें शामिल हैं।

सीएम पटनायक ने ली बैठक, राज्यपाल ने हासिल की जानकारी

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर स्थितियों का जायजा लिया है। पश्चिम बंगाल गवर्नर जगदीप धनखड़ ने भी मौसम विभाग के क्षेत्रीय दफ्तर में पहुंचकर स्थितियों की जानकारी हासिल की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि मौमस विभाग की चेतावनी पर गंभीरता से अमल करें।

छह घंटे पहले और बाद तक गंभीर असर

चक्रवाती तूफान 'यास' बुधवार सुबह ओडिशा पहुंच सकता है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर के वैज्ञानिक डॉ उमाशंकर दास के मुताबिक भद्रक में धमरा और चांदबाली के बीच चक्रवात के दस्तक देने का अनुमान है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि 'यास' के बहुत भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की और चांदबाली में सबसे ज्यादा नुकसान की आशंका है। उन्होंने कहा कि चक्रवात के दस्तक देने के छह घंटे पहले और बाद तक इसका गंभीर असर देखने को मिलेगा।

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